बिलासपुर। अब बिलासपुर से कटनी और अनूपपुर से अंबिकापुर सेक्शन में चलनी वाली ट्रेनों के यात्री लाइसेंसी वेंडर से दैनिक उपयोग की चीजें खरीद सकेंगे। झारसुगुड;ा सेक्शन के बाद रेलवे ने इन दोनों सेक्शन के लिए टेंडर दिया है। जिसमें लाइसेंसी वेंडर खानपान की तरह साबुन, बेल्ट, मोजे, टोली, कंघी, तेल आदि सामान बेचेंगे। इससे रेलवे को सालाना आठ लाख 78 हजार रूपये मुनाफा होगा।

इस सुविधा रेलवे नए आइडिया के तहत दे रही है। दरअसल पहले यह सामान अनाधिकृत तौर पर बिकते थे। जिसके चलते रेलवे को नुकसान भी होता था। इसके साथ बिना अनुमति के कारण सामान बिकने से गलत सामान देने के बाद भी यात्री किसी से शिकायत नहीं कर पाते थे। लिहाजा रेलवे ने इन सामानों की उपलब्धता अधिकृत तौर पर मुहैया कराने की योजना बनाई।

पहली बार जब इसकी शुरूआत की गई तो यात्रियों के बीच से बेहतर रिस्पांस मिला। लिहाजा रेलवे ने इन दोनों सेक्शनों में दैनिक उपयोगी सामानों की बिक्री कराने का निर्णय लिया। इसके लिए टेंडर जारी किया गया। जिसमें आदित्य इंटरप्राइजेसी ने रूचि दिखाई है। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे ट्रेनों में सामान बेचने की अनुमति दे दी है।

हालांकि टेंडर की शर्त के अनुसार लाइसेंसी वेंडर केवल दैनिक उपयोगी सामान ही बेचेंगे। खानपान से जुड;ी कोई चीजें बेचने के लिए वह अधिकृत नहीं होंगे। टेंडर के साथ ही यूनिफार्म भी निर्धारित की गई है। वेंडरों को यूनिफार्म के साथ साथ आइकार्ड लगाकर ही सामान बेचना है।

एक ट्रेन में पांच से अधिक कर्मचारी नहीं कर सकेंगे बिक्री

रेलवे ने टेंडर के साथ् ही कुछ नियम व शर्ते भी लागू की है। जिसके तहत कंपनी के 25 कर्मचारियों को इस सेक्शन में सामान बेचने की अनुमति दी गई है। पर एक ट्रेन में केवल पांच कर्मचारी बिक्री के अधिकृत होंगे। इससे अधिक कर्मचारी होने पर यह नियमों का उल्लंघन होगा।

पांच साल के लिए दी गई अनुमति

इस बार रेलवे ने कंपनी को पांच साल के लिए अनुमति दी है। पूर्व में झारसुगुड;ा सेक्शन के लिए केवल एक साल के लिए टेंडर हुआ है। इस लिहाज से रेलवे हर साल आठ लाख 78 हजार रूपये की कमाई करेगी।

Posted By: sandeep.yadav

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