बिलासपुर। रेलवे की व्यापक पहुंच और महत्व को ध्यान में रखते हुए स्थानीय उत्पादों को देशभर में लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट में वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना की घोषणा की गई है। वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना की इस अभिनव पहल से जहां मेक इन इंडिया का सपना साकार हो रहा है वहीं स्थानीय लघुकार, कारीगरों, हस्तशिल्पों की आत्मनिर्भरता में वृद्धि भी हो रही है। इससे इस क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी मदद मिलेगी।

इस योजना के तहत बिलासपुर सहित मंडल के कोरबा, जांजगीर-नैला, अनुपपुर पेंड्रारोड़, उसलापुर, विश्रामपुर रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म में स्थानीय उत्पाद की बिक्री के लिए स्टाल की सुविधा रेलवे प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई है। यह पायलट प्रोजेक्ट योजना के तहत 15 दिनों के लिए प्रायोगिक रूप में शुरू की गई है। बिलासपुर स्टेशन में इस योजना के तहत 25 मार्च 2022 से बेल मेटल से बनी कलाकृतियों के स्टाल से प्रारंभ हुआ था।

बिलासपुर स्टेशन में वर्तमान में प्लेटफार्म एक में हर्बल उत्पाद की बिक्री का स्टाल संचालित हो रही है। इसके अलावा इस योजना के प्रथम चरण में मंडल के जांजगीर-नैला स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर 11 जून से धान के पैरा से बनी स्थानीय कलाकारों की हस्तशिल्प की प्रदर्शनी व बिक्री का स्टाल स्थानीय स्वयंसेवी संगठन के द्वारा संचालित की जा रही है।

इसी तरह कोरबा स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर 10 जून से स्थानीय हर्बल उत्पाद की बिक्री व प्रदर्शनी का स्टाल स्थानीय स्वयंसेवी संगठन द्वारा संचालित की जा रही है। अनूपपुर स्टेशन के प्लेटफार्म एक ट्राइबल गोंडी पेंटिंग की बिक्री व प्रदर्शनी का स्टाल, पेंड्रारोड़ स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर 12 जून से स्थानीय महिला स्व सहायता समूह द्वारा निर्मित हर्बल, मसाला व अन्य घरेलू उत्पाद की प्रदर्शनी व बिक्री का स्टाल संचालित की जा रही है। इस बार उसलापुर स्टेशन के प्लेटफार्म एक में भी हर्बल उत्पाद की बिक्री की जारी रही।

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