बिलासपुर। Lockdown In Chhattisgarh: कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के मौजूदा दौर में राज्य शासन गरीबों को मुफ्त में चावल का वितरण कर रही है। फ्री के चावल वितरण के बाद खाद्य विभाग के अफसरों ने राशन दुकानदारों को अजीबो-गरीब फरमान जारी कर दिया है। दुकानदारों को फ्री चावल लेने के लिए आने वाले बीपीएल व एपीएल कार्डधारकों को सैनिटाइजर बेचने का टारगेट दे दिया है। एक दुकानदार को कम से कम 4500 स्र्पये का सैनिटाइजर बेचने का टारगेट मिला है। इसे लेकर दुकानदार पसोपेश में है। इनको यह समझ में नहीं आ रहा है कि मुफ्त में चावल लेने वाले गरीब 100 स्र्पये खर्च कर सैनिटाइजर क्यों खरीदेंगे और उनपर सैनिटाइजर खरीदने के लिए वे दबाव कैसे बनाएंगे।

जिले में साढ़े चार लाख राशन कार्डधारक हैं। शहर के अलावा जिले के राशन दुकानदारोें को भी इसी तरह का टारगेट खाद्य विभाग के अफसरों ने दे दिया है। खास बात यह कि सैनिटाइजर बेचने के लिए विभाग ने कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया है। पूरा काम मौखिक हो रहा है। अफसरों का कहना है कि उनको ऊपर से यह कहा गया है।

ऊपर से यह आदेश किसने जारी किया, यह भी विभाग के कर्मचारी नहीं बता पा रहे हैं। बहरहाल इस बेतुके आदेश से यह समझ आ रहा है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारी किसी कंपनी विशेष के सैनिटाइजर स्टॉक की खपत करने के लिए यह निर्देश जारी कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जो लोग आर्थिक समस्या के इस दौर में अनाज तक खरीद के नहीं खा सकते, वे महंगा सैनिटाइजर कैसे खरीदेंगे। दरअसल लोगों को इस बात के लिए मजबूर करने की कोशिश की जा रही है कि यदि उन्हें राशन का मुफ्त चावल चाहिए तो उन्हे सैनिटाइजर खरीदना ही होगा।

Posted By: Himanshu Sharma

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