बिलासपुर। घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सिलेंडरों में क्यूआर कोड लागू करने की घोंषणा की थी, लेकिन अभी तक क्यूआर कोड शुरू नहीं हो सका है। इसके कारण उपभोक्ताओं को जानकारी नहीं मिल पा रही है।

उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की पूरी जानकारी के लिए पेट्रोलियम कंपनियां क्यूआर कोड लगाने वाली थी। इसके बाद भी अब तक इसकी सूचना अभी तक खाद्य विभाग के अधिकारियों तक। ऐसे में उपभोक्ता परेशान हैं कि क्यूआर कोड वाला गैस सिलेंडर उन तक कब पहुंचेगा। कुछ कहा नहीं जा सकता। क्यूआर कोड लागू करने पर गैस सिलेंडरों की चोरी,ट्रैकिंग और ट्रेसिंग भी हो पाएगी। इस संबंध में अब तक जिले के खाद्य अधिकारियों व इंडियान ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को भी मुख्यालय से जानकारी नहीं भेजी गई है।

पांच वर्ष में 60 बार बढ़ी कीमतें

पिछले 5 साल में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतें करीब 60 बार बढ़ी हैं। अभी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 1100 रुपये और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत 1700 रुपये है। कोरोना काल के बाद जुलाई 2021 जुलाई 2022 के बीच 26 बार गैस सिलेंडरो की कीमतों में वृद्धि हुई है।

सब्सिडी भी है बंद

केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण काल के बाद से गैस सिलेंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी को मई 2020 से बंद कर दिया है। पिछले ढाई साल से उपभोक्ता गैस सिलेंडरों की बढ़ी हुई कीमतों पर इसे खरीदने पर मजबूर हैं।क्यूआर कोड वाले गैस सिलेंडरों के संबंध में अभी अप्लाई होना है। पहले यह बड़े शहरों में होगा,बाद में छोटे शहरों में इसे भेजा जाएगा।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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