बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। वंदे भारत ट्रेन की मरम्मत बिलासपुर स्थित कोचिंग डिपो में होगी। इसके लिए ओएचई बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। दो दिन में सात से आठ पोल लगाए जा चुके हैं। करीब 600 मीटर में ओएचई तार बिछाया जाएगा। इससे ट्रेन सीधे कोचिंग डिपो तक आ सकेगी। ट्रेन का मेंटेनेंस वाशिंग लाइन क्रमांक एक पर होगी। इसीलिए इस लाइन का विद्युतीकरण किया जा रहा है।

वंदे भारत ट्रेन की घोषणा बजट में हुई थी। इस ट्रेन की सौगात हर जोन को दी जा रही है। इसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन भी शामिल है। पिछले दिनों जोन से ट्रेन के परिचालन समय का प्रस्ताव मांगा गया था। हालांकि इसे हरी झंडी नहीं मिली है। उम्मीद है कि रेलवे बोर्ड उसी प्रस्ताव को स्वीकृति देगा। जोन को एक ट्रेन की सौगात मिल चुकी है। जोन में वंदे भारत ट्रेन नागपुर से बिलासपुर के बीच चलेगी। इसकी जानकारी मिलते ही रेलवे में तैयारी शुरू हो गई। इसमें सबसे पहले ट्रेन के मेंटेनेंस की व्यवस्था की जा रही है। दरअसल इस ट्रेन के लिए अलग से कोचिंग डिपो बनाने की योजना थी।

लेकिन इतनी जल्द डिपो बनना और उसमें ओएचई व ट्रैक बिछाना मुश्किल है। इसलिए रेलवे वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है। इसी के तहत कोचिंग डिपो की लाइन नंबर एक का विद्युतीकरण किया जा रहा है। दरअसल वंदे भारत ट्रेन के इंजन और कोच को अलग नहीं किया जा सकता। यह ट्रेन कोचिंग डिपो में तभी पहुंच सकती है, जब डिपो के अंदर ओएचई तार बिछा हो। इसके तहत ओएचई तार बिछाने के लिए पोल लगाया जा रहा है। ओएचई तार लगने के बाद वंदे भारत ट्रेन आसानी से कोचिंग डिपो तक पहुंच जाएगी। अभी जितनी भी ट्रेनें कोचिंग डिपो मरम्मत के लिए आती हैं, उसे डीजल इंजन से शंटिंग कर डिपो में तक लाया जाता है।

आठ को पहुंचेगी वंदे भारत की रैक

वंदे भारत ट्रेन की रैक को लेकर बिलासपुर से मैकेनिकल विभाग की टीम शनिवार की रात को ही चेन्नई के लिए रवाना हो गई है। वहां पहुंचने के बाद अधिकारी रैक का परीक्षण करेंगे। अभी जिस तरह कार्यक्रम निर्धारित हुआ है। उसके मुताबिक रैक सात दिसंबर को चेन्न्ई से बिलासपुर के लिए रवाना होगी। आठ दिसंबर को यहां पहुंच जाएगी।

Posted By: Abrak Akrosh

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