बिलासपुर (ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में शनिवार को बाल संप्रेक्षण गृह भेजे गए एक किशोर की लाश फंदे पर लटकती मिली है, जिससे अफसरों में हड़कंप मच गया।

सरकंडा के अशोक नगर निवासी निखिल उर्फ महेश्वर यादव (17) पुत्र राजेश यादव को पुलिस ने चोरी के आरोप में चार माह पहले पकड़ा था। पुलिस के अनुसार चोरी का माल बरामद करने व अपराध स्वीकार करते समय उसने ने खुद को बालिग बताया था। लिहाजा, पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। बाद में दस्तावेजों से पता चला कि वह नाबालिग है।

तब पुलिस ने उसके परिजन से दस्तावेज जुटाकर कोर्ट से अनुमति ली। फिर एक दिन शुक्रवार को ही उसे बाल संप्रेक्षण गृह में शिफ्ट कर दिया गया। जहां संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकता उसका शव मिला। इसका संज्ञान खुद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने लिया। उनके समक्ष शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया गया। एडिशनल एसपी सिटी ओपी शर्मा ने बताया कि मामले की न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है।

डीजीपी ने जारी की गाइडलाइन

इधर, छत्तीसगढ़ में पुलिस हिरासत में हो रही मौतों से सरकार की किरकिरी के बीच डीजीपी डीएम अवस्थी ने सख्त स्र्ख अपनाया है। डीजीपी से सभी जिलों के एसपी को 11 प्वाइंट का एजेंडा दिया है। इसे पालन करने के निर्देश के साथ यह भी चेतावनी दी है कि अनदेखी होने पर जिम्मेदार अधिकारी पर सीधे कार्रवाई होगी।

Posted By: Rahul Vavikar

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