Bilaspur News: बिलासपुर। ज़िला कांग्रेस कमेटी ( शहर/ग्रामीण ) ने झीरम नक्सली हमले की बरसी और कांग्रेस के पूर्व सांसद स्व श्रीकांत वर्मा की पुण्यतिथि मनाई। उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी ।

इस अवसर पर शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि झीरम घाटी नक्सली हमला मानवता को शर्मसार करने वाली ,नृशंसता की पराकाष्ठा और नक्सली कायरता की चरमोत्कर्ष घटना है ,हमले में विद्याचरण शुक्ल,ननद कुमार पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार ,योगेश शर्मा,दिनेश पटेल सहित 32 नेता और सुरक्षाकर्मी शहीद हुए ,

कांग्रेस ने 2013 के विधानसभा के पूर्व "परिवर्तन यात्रा " निकाल रही थी ,25 मई को सुकमा जिले के झीरम घाटी से गुजरते समय 200 से अधिक नक्सलियों ने कांग्रेस की काफिला पर हमला कर दिए ,पर 10 वी बरसी होने जा रही है पर जांच से कोई ठोस निर्णय नही निकला बल्कि तत्कालीन सरकार की जांच में रोड़े पैदा करना समझ से परे है ,जबकि छत्तीसगढ़ की जनता अपराधियो को जेल के सलाखों में देखना चाहती है।

शहर विधायक शैलेष पांडेय ने कहा कि हम सभी नक्सली हमले की 10 वी बरसी मना रहे पर जांच और न्याय की आस में परिजनों की आंखे पथरा गई है । भाजपा और एनआईए जांच क्यो करने नही दे रही है ,सन्देह को जन्म देता है ,जबकि एनआईए ने अपनी जांच में कई पहुलओं को नजर अंदाज की है ,जैसे स्थल निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों का बयान में लापरवाही करना ,जबकि भूपेश सरकार ने एसआईटी से जांच कर रही है पर एनआईए का असहयोग और कोर्ट के शरण मे जाकर जांच में बाधा उत्पन्न कर रही है जबकि न्यायिक जांच कमेटी के विरुद्ध तत्कालीन नेता प्रतिक्षप द्वारा माननीय उच्च न्यायलय में स्टे लेना सन्देह को और बढ़ाता है, जबकि छत्तीसगढ़ का नक्सली हमला देश के अंदर का सबसे बड़ी घटना है ,जिसे दुर्दांत नक्सलियों ने अंजाम दिया है किंतु भाजपा और एनआईए जांच में सहयोग न करके अड़चने पैदा क्यो कर रहे है जबकि भाजपा छोटे छोटे नक्सली हमले में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए उतावली रहती है । पर झीरम हमले की जांच के विरोध में भाजपा खड़ी दिखती है।

महापौर रामशरण यादव ने कहा कि बिलासपुर को कस्बाई संस्कृति से महानगरीय संस्कृति में विस्तार देने वाले शख्स थे स्व श्रीकांत वर्मा जी ,जिन्होंने शहर विकास के लिए सांसद मद का अधिकांश राशि बिलासपुर में खर्च किया । स्व श्रीकांत वर्मा एक छोटे से शहर से उठकर अपनी लेखनी की ताकत से साहित्य और राजनीति में अलग पहचान बनाई ,उन्होंने जो काम किये अविस्मरणीय है ,राजनीति में " गरीबी हटाओ " जात पर न पात पर मुहर लगेगी हाथ " जैसे कालजयी स्लोगन कांग्रेस के लिये लिखा वही साहित्य के सभी विधाओं को स्पर्श किया ,एक गीतकार, लेखक ,पत्रकार ,समीक्षक, यात्रा वृतांत लेखक, समालोचक थे,मगध काव्य संग्रह पर मरणोपरांत उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया ,स्व वर्मा एक गम्भीर बीमारी से ग्रसित थे ,जिनका 25 मई 1986 को आपरेशन के दौरान अमेरिका में निधन हो गया ।

कार्यक्रम में शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, महापौर रामशरण यादव, शहर विधायक शैलेष पांडेय, प्रदेश सचिव आशीष सिंह,कृष्ण कुमार यादव,ज़फर अली, राकेश शर्मा, राजेश शुक्ला,ऋषि पांडेय, अरविंद शुक्ला,विनोद साहू, पिंकी बतरा, सीमा घृटेश,शिल्पी तिवारी, किरण तिवारी, आशा पांडेय,सावित्री सोनी,त्रिवेणी भोई,अफरोज बेगम,उत्तरा सक्सेना, डॉ बद्री जायसवाल,एसएल रात्रे,माधव ओत्तालवार, विनोद शर्मा,त्रिभुवन कश्यप,अजय यादव,साई भास्कर,सुभाष ठाकुर,मनीष गडवाल, श्याम पटेल,अखिलेश बाजपेयी, अर्जुन तिवारी,वीरेंद्र सारथी,राजेश शर्मा,मनोज शर्मा,हेरि डेनिएल,सन्तोष गुप्ता,हेमन्त दृघस्कर,दिल बहाल,अयूब मोह,चन्द्रहास केशरवानी,जयनारायण प्रधान,दीपक साहू,दीपक रायचेलवार,अजय साहू,राज नारायण तिवारी,शिवा निर्मलकर,गणेश रजक,राजेन्द्र वर्मा,के बी मिश्रा,सतीश गोयल,अमीन मुगल,रिंकू छाबड़ा,कमलेश लावहतरे,मुकेश धनगे, डी आर बंजारे,शाहिद कुरैशी,चिंटू खान,भरत जोशी,विष्णु तिवारी आदि उपस्थित थे ।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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