बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नगर निगम सीमा में तीन निकायों व 15 ग्राम पंचायतों को शामिल करने के लिए निगम व राजस्व विभाग की 52 टीम तैयार हो गई है। शुक्रवार से टीम ने काम करना शुरू कर दिया है। इनके द्वारा संबंधित निकायों व ग्राम पंचायतों का नजरी नक्शा तैयार किया जाएगा । राज्य शासन ने चार दिनों के भीतर काम पूरा करने की हिदायत दी है। जिला प्रशासन की कोशिश है कि दो दिनों के भीतर काम पूरा कर फाइल शासन के हवाले कर दी जाए। कलेक्टर डॉ.एसके अलंग ने इस पूरे काम की देखरेख अतिरिक्त कलेक्टर बीएस उइके के हवाले कर दिया है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने 20 अगस्त को अधिसूचना जारी कर तिफरा नगरपालिका,सकरी व सिरगिट्टी नगर पंचायत के अलावा 15 ग्राम पंचायतों को नगर निगम सीमा में शामिल करने का खुलासा कर दिया है। निगम सीमा में बढ़ोतरी करने के साथ ही राज्य शासन ने कलेक्टर को लिखे पत्र में निगम सीमा की वृद्घि के मद्देनजर सीमांकन कराने का फरमान जारी किया है। शासन के निर्देश पर उसी रफ्तार से कार्रवाई भी हो रही है । इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को सीमांकन करने के लिए नगर निगम व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बना दी गई है। 52 टीम में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को शामिल कर मैदान में उतार दिया गया है। शुक्रवार से सीमांकन का कार्य भी शुरू हो गया है। प्रथम चरण में शहर से लगे ग्राम पंचायतों की सीमाओं का नजरी नक्शा बनाया जा रहा है। शहरी संपर्क वाली सीमाओं को शामिल करने के बाद पूरी पंचायत व निकायों का सीमांकन किया जाएगा। निगम सीमा में शामिल वाले इन पंचायतों व निकायों का अलग से नजरी नक्शा बनेगा । इसके बाद विस्तृत नजरी नक्शा तैयार किया जाएगा। जिसमें निगम सीमा के भीतर तीनों निकाय व 15 पंचायतों को शामिल होना बताया जाएगा। यह काम पूरा करने के बाद इसे शासन के हवाले किया जाएगा । राज्य शासन ने सीमांकन का कार्य चार दिनों के भीतर पूरा करने की हिदायत दी है। प्रशासनिक अमलों का कहना है कि दो दिनों के भीतर इसे पूरा कर लिया जाएगा । रविवार या फिर सोमवार को सीमांकन का पूरा खाका नगरीय प्रशासन विभाग के हवाले कर दिया जाएगा ।

वार्डों के गठन के लिए शासन की गाइड लाइन का इंतजार

सीमांकन के बाद वार्ड गठन के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से प्राप्त होने वाले गाइड लाइन का प्रशासन को इंतजार रहेगा। मसलन एक वार्ड में कितनी जनसंख्या और कितने हिस्से को शामिल करना है। यह सब मापदंड शासन द्वारा जारी किया जाएगा। इसी आधार पर वार्ड गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

वार्ड गठन में चलेगा राजनीतिक जोर

यह पहला मौका होगा जब सीमा वृद्घि के बाद नगर निगम का चुनाव होगा। जाहिर है सत्ताधारी दल द्वारा वार्ड गठन में जमकर राजनीतिक चालें भी चली जाएंगी। जिन पंचायतों व शहर के जिन वार्डों में भाजपा का जोर चलता है वहां भाजपा की स्थिति को कमजोर करने की कोशिश भी होगी। ऐसे वार्ड में कांग्रेस समर्थित मोहल्लों के मतदाताओं को शामिल कर सियासी ताकत बढ़ाया जाएगा। कमोबेश कुछ इसी तरह की स्थिति ग्राम पंचायतों व निकायों के वार्ड में भी देखने को मिलेगा । नए शामिल होने वाले निकायों व पंचायतों में वार्ड गठन में सावधानी बरतने के साथ ही पूरा जोर वार्ड जितने पर रहेगा। इसी आधार पर गठन की योजना भी तैयार कर ली गई है।

चुनाव में एक महीने विलंब होने की चर्चा

सीमांकन के बाद वार्ड गठन और फिर दावा-आपत्ति का दौर चलेगा। सुनवाई के बाद निगम सीमा में 70 वार्ड अस्तित्व में आएंगे। इसके अलावा अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने में वक्त लगेगा। ऐसा माना जा रहा है कि बिलासपुर नगर निगम चुनाव में एक महीने का विलंब हो सकता है।

राज्य शासन के निर्देश पर नगर निगम व राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को शामिल करते हुए सीमांकन के लिए 52 टीम तैयार की गई है। टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है। हमारी कोशिश रहेगी कि दो दिनों के भीतर काम पूरा कर फाइल शासन के हवाले कर दी जाए ।

बीएस उइके-अतिरिक्त कलेक्टर