बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

रेल यात्रियों का रविवार से ट्रेन सुविधा के लिए भटकना पड़ सकता है। ऐसा रेल प्रशासन की मेहरबानी से होगी। बेहतर परिचालन के लिए मेंटेनेंस जरूरी है लेकिन एक साथ ही इतनी ट्रेनों को रद करना या आधे बीच में समाप्त करने और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ सकती है। यात्रियों की नाराजगी या हंगामें का सामना करना पड़ सकता है।

रायपुर रेल मंडल के हथबंद स्टेशन में बिलासपुर-रायपुर लाइन इलेक्ट्रिफिकेशन ए रूट सेक्शन में प्री एनआइ / एनआइ कमिशिनंग ऑफ लांग लूप का कार्य किया जाएगा। इसके चलते 13 से 20 अक्टूबर तक ज्यादातर ट्रेनों को रद व बिलासपुर में ही परिचालन समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इनमें प्रमुख रूप से 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस, जिसे 19 अक्टूबर तक उसलापुर में समाप्त की जाएगी। यही से 15 से 21 अक्टूबर को 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस बरौनी के लिए लिए छूटेगी। इस ट्रेन के आगे नहीं जाने से रायपुर, दुर्ग, गोंदिया जाने वाले यात्रियों को उसलापुर में ही उतरना पड़ेगा। लेकिन वे यहां से गंतव्य तक कैसे पहुंचेंगे इसकी कोई भी प्लानिंग रेलवे के पास नहीं है। इस स्थिति में वे पहले ऑटो से बिलासपुर स्टेशन पहुंचेंगे। यहां पहुंचने के बाद यदि कोई ट्रेन मिल गई तब तो गंतव्य तक सही सलामत पहुंच सकते हैं नहीं तो परेशानी व भटकने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसी तरह 15159 छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस भी 19 अक्टूबर तक बिलासपुर में ही समाप्त कर दी जाएगी। इस ट्रेन के यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। इस ट्रेन का बिलासपुर पहुंचने का समय सुबह 4.30 बजे के करीब है। लेकिन पिछले कई दिनों से यह ट्रेन सुबह सात बजे के बाद ही पहुंचती है। ऐसे में उन्हें सुबह अमरकंटक एक्सप्रेस भी नहीं मिलने वाली। यदि समय पर मिल गई तो जगह मिलना मुश्किल है। क्योंकि यह एक्सप्रेस बनकर ही चल रही है। अब बची बिलासपुर- रायपुर लोकल तो उसमें तो सामान्य दिनों में इतनी अधिक भीड़ रहती है कि इस ट्रेन के यात्रियों को खड़े होने के लिए जगह मिलना मुश्किल है। 13288 राजेंद्रनगर-दुर्ग साउथबिहार एक्सप्रेस भी 18 अक्टूबर तक बिलासपुर में ही समाप्त होगी। वापसी में यह ट्रेन बिलासपुर से राजेंद्रनगर के लिए छूटेगी। जिन यात्रियों का रायपुर, दुर्ग से रिजर्वेशन है, वह यहां तक कैसे पहुंचेंगे, इसके लिए रेलवे कोई भी व्यवस्था नहीं की है। 18241 दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस कम पैसेंजर, 17481 बिलासपुर-तिरुपति एक्सप्रेस व 22939 हापा-बिलासपुर एक्सप्रेस के यात्रियों को आधे बीच तक परिचालन होने से तकलीफ का सामना करना पड़ेगा।

ये ट्रेनें रहेंगी रद

13 से 20 अक्टूबर तक 68746 रायपुर गेवरारोड मेमू ,14 से 21 अक्टूबर 68745 गेवरारोड- रायपुर मेमू,

13 से 20 अक्टूबर तक 58204 रायपुर- गेवरारोड पैसेंजर व 58203 गेवरारोड - रायपुर पैसेंजर 14 से 21 अक्टूबर

नहीं चलेगी। वहीं 12856 इतवारी-बिलासपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस व 12855 बिलासपुर-इतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस 14 से 20 अक्टूबर नहीं चलेगी। इसके अलावा कई ऐसी ट्रेनें हैं जिन्हें रद कर दी गई है। मसलन इन ट्रेनों से भी यात्री गंतव्य तक नहीं पहुंच सकते।

कौन सी ट्रेनें कहां रखेंगे, दिनभर माथापच्ची

ट्रेनों के रद होने से ज्यादा समस्या आधे बीच में समाप्त होने से होगी। क्योंकि इन ट्रेनों की रैक को बिलासपुर में ही रखना है। उसलापुर में समाप्त होने वाली ट्रेनें भी यहीं रखी जाएंगी। एक साथ इतनी ट्रेनों को रखने के लिए रेलवे के पास लाइन की कमी है। यही वजह है कि शनिवार को दिनभर अधिकारी से लेकर कर्मचारी इसे लेकर माथापच्ची करते नजर आए। इन्हें रखने के साथ मेंटेनेंस को लेकर भी कोचिंग डिपो में परेशानी होगी। क्योंकि डिपो में वर्तमान में जितनी ट्रेनें पहुंचती हैं उन्हीं का मेंटेनेंस में परेशानी होती है। इन ट्रेनों के अतिरिक्त भार पड़ने से परेशानी और बढ़ जाएगी। बतातें कि बिलासपुर में समाप्त होने वाली ट्रेनों का कोचिंग डिपो में प्राइमरी मेंटेनेंस होगा।