बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। तिलकनगर में रहने वाली वृद्धा के बैंक खाते से जालसाजों ने नौ लाख स्र्पये पार कर दिए। महिला बच्चों की फीस जमा करने के लिए स्र्पये निकालने के लिए बैंक गई तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। महिला ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

सिविल लाइन क्षेत्र के तिलकनगर में रहने वाली कुसुम पवार पेंशनर हैं। उनका एकाउंट एसबीआइ के कलेटोरेट शाखा में है। इसमें उनकी पेंशन की राशि जमा होती है। बैंक एकाउंट उनकी बेटी निशा पवार के मोबाइल नंबर से लिंक था। बेटी निशा की मौत दो साल पहले हो गई है। इसके बाद से उसका मोबाइल नंबर बंद है। उसका मोबाइल भी अब सेवा में नहीं है। महिला ने बताया कि उनके बैंक एकाउंट में पांच फरवरी 2022 को अनजान नंबर के माध्यम से एक स्र्पये जमा किया गया। इसके बाद से उनके बैंक खाते से लगातार स्र्पये निकाले जा रहे हैं। जालसाजों ने अलग-अलग कर उनके खाते से नौ लाख स्र्पये निकाल लिए हैं। महिला बच्चों की फीस जाम करने के लिए स्र्पये निकालने के लिए बैंक गई थी। इस दौरान बैंक कर्मियों ेने बताया कि उनके खाते में स्र्पये नहीं है। महिला ने इसकी जानकारी ली तो धोखाधड़ी सामने आया। उन्होंने बैंक से डिटेल निकलवाया। इसके बाद मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

फिक्स डिपाजिट पर पांच लाख का लोन भी ले लिया

महिला ने बताया कि उसने बैंक में छह लाख स्र्पये फिक्स डिपाजिट भी किया है। इसके माध्यम से अनजान लोगों ने पांच लाख 40 हजार स्र्पये का लोन भी ले लिया है। इसकी किश्त भी जमा नहीं हो रही है। महिला ने बताया कि उसने कभी एटीएम नहीं बनवाया है। इसके अलावा वह स्र्पये निकालने के लिए बैंक भी कम ही जाती है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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