बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय छात्र परिषद चुनाव 2019 को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो.बीएन तिवारी ने बुधवार को लिंगदोह कमेटी की अनुशंसा के तहत संशोधित छात्र परिषद विनियम को सार्वजनिक किया है। इसके मुताबिक पुलिस में अपराध दर्ज होने या विश्वविद्यालय द्वारा किसी प्रकरण में सजा भुगतने वाले स्टूडेंट चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय छात्र परिषद विनियम-2011 (2019 में यथा संशोधित) की संक्षिप्त जानकारी वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। विभागाध्यक्षों को अपने विभाग के सभी छात्रों को इसकी जानकारी देनी है। इसमें 2019 में किए गए संशोधनों से भी छात्रों को अवगत कराना अनिवार्य है। उम्मीदवारों का पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं होना चाहिए। साथ ही विश्वविद्यालय प्राधिकारी द्वारा किसी प्रकार की अनुशासनात्क कार्रवाई नहीं की गई हो। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा जल्द की जाएगी। विभागाध्यक्षों को मतदाताओं के पात्रता मापदंडों (अनुच्छेद 8 ए) व उम्मीदवारों के पात्रता मापदंडों (अनुच्छेद 9) का सत्यापन करना है। अंतिम समय में आने वाली कठिनाइयों व होने वाली परेशानियों से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। अनुच्छेद आठ ए के मुताबिक मतदाताओं के लिए पात्रता मापदंड निर्वाचक मंडल में न्यूनतम एक वर्ष की अवधि वाले पाठ्यक्रम के नियमित छात्र होंगे और इन छात्रों के नाम, मतदाता सूची की घोषणा के समय विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग की उपस्थिति पंजी में होना चाहिए। इसी तरह अनुच्छेद नौ के मुताबिक उम्मीदवारों के लिए पात्रता मापदंड 22 वर्ष आयु तक के स्नातक छात्र चुनाव लड़ने के लिए पात्र होंगे। स्नातकोत्तर छात्रों के लिए वैध तरीके से चुनाव लड़ने के लिए अधिकतम उम्र सीमा 25 वर्ष है। 28 वर्ष तक के शोध छात्रों को चुनाव लड़ने की अनुमति है। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम उम्र सीमा पाठ्यक्रम की अवधि के अनुसार संशोधित की जाएगी। उदाहरण के लिए चार वर्ष की अवधि के स्नातक व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम उम्र सीमा 23 वर्ष होगी या पांच वर्ष की अवधि के लिए अधिकतम उम्र सीमा 24 वर्ष होगी। उम्र की गणना उस शैक्षणिक सत्र के जुलाई माह के पहले दिन से की जाएगी, जिस सत्र में चुनाव होना है। उम्मीदवार को ठीक पूर्ववर्ती वर्ष में किसी भी विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग में न्यूनतम एक वर्ष का कोई पाठ्यक्रम किया हुआ होना अनिवार्य है।

छात्र परिषद विनियम में यह भी

अनुच्छेद 9.2 से 9.6 के मुताबिक नामांकन दाखिल करते समय उम्मीदवार के पास किसी भी प्रकार का बकाया नहीं होना चाहिए। नामांकन दाखिल करते समय उन्हें समस्त देयकों का भुगतान करना होगा। उम्मीदवार की प्रत्येक सेमेस्टर वर्ष में न्यूनतम उपस्थिति (75 प्रतिशत) या समय-समय पर विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित उपस्थिति, जो ज्यादा हो, होनी चाहिए। उपस्थिति के प्रतिशत की गणना सभी वर्ष (वर्षवार पाठ्यक्रम होने पर प्रत्येक वर्ष के लिए अलग से) सभी सेमेस्टर्स (यदि पाठ्यक्रम सेमेस्टरवार हो, तो प्रत्येक सेमेस्टर के लिए अलग से)। छात्र परिषद पदाधिकारी का चुनाव लड़ने के लिए एक अवसर व निर्वाचित प्रतिनिधि का चुनाव लड़ने के लिए दो अवसर प्रदान किए जाएंगे। उम्मीदवार विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग विद्यापीठ में एक वर्ष से अधिक अवधि का नियमित पाठ्यक्रम का नियमित व पूर्णकालिक छात्र होना चाहिए।

मुख्य चुनाव अधिकारी ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय छात्र परिषद विनियम को वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ एचओडी को भेज दिया है। छात्रों को इसकी जानकारी अनिवार्य है।

प्रो.प्रतिभा जे मिश्रा

मीडिया सेल प्रभारी, गुरु घासीदास केंद्रीय विवि

Posted By: Nai Dunia News Network