बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

भारतीय रेलवे के कमाऊपूत जोन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ऐसी ट्रेन चल रही है, जिनके टॉयलेट में खिड़की तक नहीं है। निजामुद्दीन संपर्कक्रांति एक्सप्रेस की इस हालत को देखकर हर कोई हैरान हो गया। यात्री के जहन में यही प्रश्न था कि इसका उपयोग आखिर कैसे करेंगे।

दुर्ग से निजामुद्दीन के लिए चलने वाली इस ट्रेन की यात्रियों के बीच काफी पूछपरख है। इसका एक बड़ा कारण कम स्टापेज और दिल्ली तक बहुत कम समय पर पहुंचना है। इस गाड़ी में सालभर भीड़ रहती है। फिर भी रेलवे इसके मेंटेनेंस को लेकर गंभीर नहीं है। शनिवार को प्लेटफार्म एक से ट्रेन दिल्ली के लिए छूटी। यहां पहुंचने पर ट्रेन के एसी कोच को छोड़कर एस-3, एस-4, एस-6 और जनरल कोच के टायलेट की खिड़की टूटी हुई थी। इसके अलावा कुछ में प्लाईवुड या कोच में लगने वाली चादर लगाई गई थी। कई कोच की खिड़की आधी टूटी थी। टायलेट को इस हालत में देख यात्रियों में नाराजगी भी दिखी। उनका कहना था रेलवे किराया तो पूरा लेती है, लेकिन सुविधाएं उस स्तर की नहीं दी जाती हैं। अफसर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं।

तस्वीरे लेकर यात्रियों ने कहा- करेंगे ट्वीट

जोनल स्टेशन में ट्रेन करीब 20 मिनट रुकती है। स्लीपर में सफर करने वाले यात्रियों ने टायलेट की तस्वीर मोबाइल से कैद कर ली। उनका कहना था कि तस्वीर रेलमंत्री और प्रधानमंत्री ट्वीट करेंगे। ताकि रेलवे के अफसर अपनी जिम्मेदारी का सही ढंग से निर्वहन कर सकें।

कुछ खिड़कियों में पत्थरबाजी के निशान

इस ट्रेन के टायलेट पर लगे कांच की खिड़की में तड़कने के निशान थे। ऐसा शराती तत्वों द्वारा पत्थरबाजी करने के कारण हुआ। रेलवे का सुरक्षा बल पथराव की इस समस्या पर अंकुश लगा पाने में नाकाम है। पिछले महीने अकेले बिलासपुर रेल मंडल में आठ बार पत्थरबाजी की पुष्टि हुई है। इसका खुलासा आरपीएफ ने खुद किया है।