बिलासपुर। जिलेभर में बजते हुए डीजे को भ्रमण कराने वाले वाहन संचालकों की अब खैर नहीं है। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ परिवहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश आरटीओ ने जारी किया है।

धार्मिक आयोजन हो या फिर मांगलिक कार्यक्रम। हर अवसरों पर डीजे बजाने का फैशन हो गया है। कानफोड़ू आवाज में डीजे बजाने से पब्लिक को बड़ी परेशानी होती है। खासकर हृदयरोगियों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए डीजे का करकस साउंड खतरनाक है। इसे गंभीरता से लेते हुए मेयर रामशरण यादव ने बीते दिनों कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि निगम सीमा के अंदर हर अवसरों पर तय डेसीबल से अधिक आवाज में डीजे बजाया जाता है और शहर में भ्रमण कराया जाता है। इसके चलते आम पब्लिक के अलावा अस्पतालों में भर्ती मरीजों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने निगम सीमा के अंदर डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाने की गुजारिश की थी। मेयर श्री यादव के पत्र को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर सौरभ कुमार ने आरटीओ को कार्रवाई करने के लिए फारवर्ड किया, जिसके पालन में आरटीओ ने शुक्रवार को एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि विभिन्न अवसरों पर डीजे संचालकों व अन्य व्यक्तियों द्बारा वाहनों पर नियम विरुद्ध ध्वनि विस्तार यंत्रों को भरकर तेज आवाज में बजाते हुए सार्वजनिक स्थलों पर घुमाया जाता है। इसके कारण यातायात व्यवस्था बाधित होती है, जिससे आम जनता को कई तरह की परेशानी होती है। आरटीओ ने कहा है कि वाहनों में इस तरह से डीजे को भरकर तेज आवाज में बजाते हुए शहर का भ्रमण कराना मोटरयान अधिनियम 1988 व केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इन पर कार्रवाई करने के लिए उन्होंने चार अफसरों की ड्यूटी लगाई है।

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जानिए, कहां किसकी डñूटी लगी

० स्थान - परिवहन निरीक्षक

० नगर निगम क्ष्ोत्र- कृष्णकांत चौबे।

० कोटा ब्लॉक- रघुवीर सिंह ध्रुव।

० बिल्हा व मस्तूरी- प्रशांत शर्मा।

० तखतपुर ब्लॉक- निशिकांत दुबे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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