बिलासपुर। Bilaspur News: ऐसे बच्चे जिनके माता- पिता की कोरोना वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई है या वर्तमान में संक्रमित हैं तो चाइल्ड लाइन उनका सहारा बनेगी। उन्हें आश्रय देगी। इसी की जानकारी देने के लिए चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने स्टेशनों में पोस्टर चस्पा करने का काम शुरू कर दिया है। इसमें चाइल्ड लाइन का हेल्प लाइन नंबर 1098 की जानकारी भी है। लोग इसी में सूचना दे सकते हैं। जिसके बाद टीम उन बच्चों के पास पहुंच जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग भारत सरकार के सहयोग से समर्पित संस्था द्वारा संचालित परियोजना चाइल्ड लाइन बच्चों के लिए काम करती है। समय- समय पर सरकार द्वारा जारी गाइड - लाइन के अनुरूप बच्चों को सुविधा भी देती है। इसके अलावा जब कभी किसी के द्वारा मदद की मांग की जाती है टीम के सदस्य वहां पहुंच जाते हैं। अभी ऐसे बच्चों को आश्रय देने का निर्णय लिया गया है। जिनके माता- पिता संक्रमित है या फिर कोरोना वायरस से उनकी मौत हो चुकी है।

एक तरह से वह बेसहारा हो चुके हैं। चूंकि यह नया निर्णय है। इसकी जानकारी बहुत लोगों को नहीं है। यही सूचना पहुंचाने के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है। बिलासपुर व उसलापुर रेलवे स्टेशन में आश्रय की जानकारी देने के लिए चाइल्ड लाइन के सदस्य पोस्ट चस्पा कर चुके हैं। इसके आसपास के सभी रेलवे स्टेशनों में पहुंचकर सूचना देने के लिए यह उपाय किया जाएगा। इसके अलावा मौखिक तौर पर भी ऐसे बच्चों की जानकारी देने की अपील की जाएगी।

Posted By: sandeep.yadav

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