बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

हाईकोर्ट ने दुर्ग रेलवे स्टेशन के माल गोदाम को बंद करने के खिलाफ पेश याचिका में रेलवे के जवाब से संतुष्ट होते हुए नई जगह में बनने वाले माल गोदाम में मजदूरों के लिए मूलभूत सुविधा उपलब्ध करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इसके साथ पेश याचिका को निराकृत किया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के दुर्ग रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए रेल प्रशासन ने प्लेटफार्म में स्थित माल गोदाम को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके खिलाफ रेलवे माल गोदाम मजदूर संघ ने अधिवक्ता बीपी गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता दुर्ग के माल गोदाम मे पिछले कई सालों से मजदूर का काम कर रहे हैं। यहां से इनकी रोजी रोटी चल रही है। माल गोदाम बंद होने से इनके सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो जाएगा। याचिका में यहां काम करने वाले मजदूरों के लिए व्यवस्था करने के बाद बंद करने की मांग की गई। याचिका में हाईकोर्ट ने रेलवे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। रेलवे की ओर से जवाब प्रस्तुत कर बताया गया कि समय के साथ दुर्ग रेलवे स्टेशन में रेल यातायात एवं यात्रियों का दबाव बढ़ा है। प्लेटफार्म में ही माल गोदाम होने से प्लेटफार्म की लंबाई कम हो गई है। यात्री सुविधा के लिए गोदाम को हटाकर प्लेटफार्म का विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा दुर्ग प्लेटफार्म से गोदाम बंद करने के बाद भिलाई में माल गोदाम ले जाया जा रहा है। रेलवे के जवाब से संतुष्ट होते हुए कोर्ट ने नए माल गोदाम में मजदूरों के लिए छायादार शेड, पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रस्तुत जनहित याचिका को निराकृत किया है।