बिलासपुर। Health News: सिम्स में अक्सर शादी, पार्टी, लंगर आदि का बचा भोजन लाकर मरीजों को परोसा जाता है। ऐसे भोजन के बासी हो जाने की आशंका रहती है। इससे मरीजों को फूड पाइजनिंग भी हो सकती है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने बिना अनुमति मरीजों को बाहर का भोजन बांटने पर रोक लगा दी है। पहले भोजन को परखा जाएगा। यदि सही लगा तभी मरीजों को परोसने की इजाजत दी जाएगी। इसके लिए सिम्स प्रबंधन से अनुमति लेनी होगी।

सिम्स में आए दिन कोई न कोई पहुंचकर मरीजों में भोजन का वितरण करता रहता है। कई बार यह भोजन बासी भी निकलता है। इसके सेवन से मरीज और उनके स्वजन की तबीयत भी बिगड़ चुकी है। अक्सर यह देखा गया है कि शादी-पार्टी व लंगर के बचे भोजन को सुबह पहुंचकर सिम्स परिसर में वितरित किया जाता है। जबकि इस भोजन को बने 15 से 20 घंटे से ज्यादा का समय हो गया होता है। साथ ही इसमे कई लोगों का हाथ लगा रहा है।

इधर सिम्स में हर महीने लाखों स्र्पये खर्च कर मरीजों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे मंे बाहर से मिलने वाले भोजन की आवश्यकता ही नहीं है। अब मरीजों व उनके स्वजन को भोजन बांटने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यदि कोई भी भोजन बांटना चाहता है तो उसे पहले सिम्स प्रबंधन की अनुमति लेनी होगी। भोजन लाकर उसकी जांच करानी होगी। यदि भोजन मानक स्तर का रहा तभी उसे बांटने की अनुमति दी जाएगी।

प्रबंधन की हिदायत फल का करें वितरण

सिम्स प्रबंधन ने सेवा के उद्देश्य से भोजन वितरण करने वालों से अपील की है कि वे मरीजों का ताजा फल दें। यह मरीज के लिए अच्छा है। भोजन से फूड पाइजनिंग की संभावना रहती है।

Posted By: sandeep.yadav

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