बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

रेलवे के रिटायर्ड कर्मियों के लिए राहत की खबर है। रेलवे ने उनके बच्चे व पत्नी को रोजगार देने का रास्ता खोल दिया है। इसके तहत अब चाहे तो उनके परिजन भी ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन से जनरल टिकट बेच सकते हैं। अभी तक केवल रिटायर्ड कर्मचारी ही इसे बेचने के लिए पात्र थे।

जनरल टिकट के लिए काउंटरों में लगने वाली लंबी कतार की समस्या को दूर करते हुए कुछ साल पहले ने रेलवे ने ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा स्टेशनों में शुरू की है। नई सुविधा और इसे ऑपरेट करने की जानकारी यात्रियों को न हो इसके लिए सहायक नियुक्त किया गया है। इस पर केवल रेलवे के रिटायर्ड कर्मियों की ही नियुक्ति की जाएगी। इसके बदले उन्हें तीन प्रतिशत कमीशन मिलता है। 100 रुपये लेकर 10 हजार रुपये तक रिचार्ज की सुविधा है। अब इस योजना का लाभ रिटायर्ड कर्मियों के परिजन भी ले सकते हैं। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन के सीसीएम को सर्कुलर जारी किया है। इसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन भी शामिल है। सर्कुलर में लिखा है कि इन मशीनों के परिचालन की जिम्मेदारी रिटायर्ड कर्मियों के वयस्क पुत्र व पुत्री के अलावा पत्नी को भी दिया जा सकता है।

जोन में लगीं हैं 26 मशीनें

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में इस योजना के तहत 26 मशीन लगी है। जोनल स्टेशन में दो मशीन है। इनमें एक का गेट क्रमांक तीन और दूसरी गेट क्रमांक एक पर स्थित है। दोनों जगह पर रिटायर्ड कर्मी सहायक के रूप में मौजूद रहते हैं।

आवश्यकतानुसार बढ़ा सकते हैं संख्या

नए सर्कुलर में 50 प्रतिशत मशीन लगाने की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। जोन के सीसीएम को अधिकार दिया गया है कि वे चाहे तो आवश्यकतानुसार मशीनों की संख्या अधिक या कम कर सकते हैं। इससे उन स्टेशनों में मशीन से टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है जहां यह उपलब्ध नहीं है।

रेलवे बोर्ड से सर्कुलर जारी हुआ है। इसके तहत ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन के परिचालन की जिम्मेदारी रिटायर्ड रेलकर्मियों के साथ- साथ उनके परिवार के सदस्यों को दी जा सकती है। इससे उन्हें रोजगार मिलेगा।

रविश कुमार सिंह

सीपीआरओ, दपूमरे जोन