बिलासपुर। कानन पेंडारी जू में चीतल अब पेड़ की छाव में आराम करते नजर आएंगे। जू प्रबंधन प्रबंधन ने चीतलों के लिए बड़े पौधे लगा रहा है। इसके अलावा सुरक्षा के लिए पौधे को ईंट के ट्री- गार्ड से घेरा जाएगा। साथ ही सामने के हिस्से का भी सुंदरीकरण किया जा रहा है। अन्य केज की तरह इसमें भी पर्यटक एक निश्चित दूरी से चीतलों का दीदार करेंगे। अभी केवल जाली लगी है। जिसके कारण पर्यटक चीतलों के नजदीक पहुंच जाते हैं। इस चिड़ियाघर में यदि सबसे बड़ा केज है तो वह चीतलों का है। एक एकड़ से भी अधिक दायरा में फैले इस केज में वर्तमान में केवल एक जगह ही छाव है, जहां चीतलों का झुंड पहुंचता है। यही उनके लिए खाना व दाना की व्यवस्था की गई है।

यहां के अलावा चीतलों के इतने बड़े केज में हरियाली नहीं है। बंजर सा नजर आता है। जू प्रबंधन ने इस कमी को महसूस किया और चीतलों के केज में कुछ पौधे लगाने का निर्णय लिया। जिस जगह पर हरियाली लाई जाएगी, उसे चिंहित भी कर लिया गया है। जू प्रबंधन का कहना है कि इस वन्यप्राणी की संख्या सबसे तेजी से बढ़ती है। इनकी शिफ्टिंग की योजना भी है। आने वाले दिनों में 50 और चीतलों की शिफ्टिंग होनी है। इसके पहले केज को हरा- भरा किया जा रहा है, ताकि चीतल पेड़ की छाव के नीचे रह सके। इसके साथ ही केज व पर्यटकों के बीच एक निश्चित दूरी की योजना भी है। इसके लिए केज में जहां जाली लगी है उसके सामने सुंदरीकरण का कार्य किया जाएगा। इससे पर्यटक दूर से चीतलों को देख सकेंगे। अभी की व्यवस्था में चीतलों को हर पल खतरा रहता है। पर्यटक खाने- पीने की चीजें केज के अंदर डाल देते हैं। जिसके कारण चीतलों की सेहत पर असर पर पड़ने की आशंका रहती है। पर इस कार्य के बाद यह आशंका भी दूर हो जाएगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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