बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कानन पेंडारी जू में सूकर हिरण की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण का आदेश है कि जू में 20 से ज्यादा हिरण नहीं होने चाहिए। इसलिए अतिरिक्त हिरण की जानकारी अलग-अलग जू प्रबंधन को भेजी गई। इसके आधार पर रीवा व नागपुर जू प्रबंधन ने हिरण की इस प्रजाति को लेने में इच्छा जाहिर की। रीवा स्थित मुकुदंपुर जू को 10 और नागपुर के महाराज बाग जू को चार सूकर हिरण दिए जाएंगे। केंद्रीय चिड़ियाघर से अनुमति मिलने के बाद रीवा जू से तो टीम शुक्रवार को बिलासपुर पहुंच भी रही है।

कानन पेंडारी जू सभी प्रजाति के वन्य प्राणियों के लिए ब्रिडिंग का बड़ा केंद्र बन गया है। इनमें से एक सूकर हिरण भी है। इसे दिल्ली से जोड़े में लाया गया था। देखते ही देखते संख्या 36 पहुंच गई। यह प्राधिकरण की गाइडलाइन से अधिक है। इतनी संख्या में सूकर हिरण नहीं रखने हैं। इसलिए जू प्रबंधन ने इन्हें किसी दूसरे जू को मुफ्त देने का निर्णय लिया। पहले पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ की सहमति ली गई। जब उन्होंने हरी झंडी दे दी, तब जाकर अलग-अलग जू से संपर्क किया गया। रीवा व नागपुर जू प्रबंधन ने मौखिक सहमति जताई। इसके बाद दोनों के बीच लिखित में सहमति हुई। कोई भी जू आपस में वन्य प्राणियों की अदला-बदली तब तक नहीं कर सकता है, जब केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण स्वीकृति न दे। लिहाजा उनसे सहमति मांगी। प्राधिकरण ने रीवा व नागपुर दोनों जू प्रबंधन को कानन से सूकर हिरण लेकर जाने की अनुमति दे दी है। इसी के तहत रीवा से टीम आ रही है। शाम तक बिलासपुर पहुंचेंगे। एक-दो दिन बाद ही 10 सूकर हिरण लेकर यहां से रवाना होंगे।

सुबह से अलग करने में जुट जाएगा अमला

कानन पेंडारी जू के जिन 10 सूकर हिरण को देना है। उन्हें शुक्रवार की सुबह से ही जू का अमला अलग झुंड से अलग करने में जुट जाएगा। माना जा रहा है कि रीवा का दल रविवार को यहां से रवाना होगा।

क्या कहते हैं अधिकारी

कानन पेंडारी जू में सूकर हिरण सरप्लस है। इसलिए 10 रीवा जू और चार नागपुर जू को दिया जा रहा है। रीवा जू की टीम शुक्रवार को बिलासपुर पहुंच रही है। नागपुर जू की टीम कब यहां आएगी, अभी किसी तरह पत्र नहीं आया है।

संजय लूथर

अधीक्षक, कानन पेंडारी जू

Posted By: Abrak Akrosh

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