बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। इन दिनों जिले के सबसे प्रमुख सड़कों पर बेसहारा मवेशियों का कब्जा हो गया है। शाम होते ही झुंड में मवेशी सड़कों पर जमा हो जाते हैं। इसके चलते आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार सड़क हादसा से मवेशियों की भी मौत हो जाती है। नेशनल हाईवे से लेकर स्टेट हाईवे में मवेशियों का जमावड़ा रहता है। राष्ट्रीय राजमार्ग बिलासपुर-रायपुर, मस्तूरी-रायगढ़, बिलासपुर कटघोरा, स्टेट हाईवे मार्ग बिलासपुर-बलौदा के सड़कों पर हमेशा मवेशियों का कब्जा रहता है। इसके बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

पशु विभाग की ओर से नगर निगम से लेकर ग्राम पंचायतों के पशुपालकों को कई बार निर्देश दिए गए कि अपने-अपने पशुओं को रात के दौरान घर पर रखें। सड़कों पर खुला न छोड़ें। इसके बावजूद पशु पालकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। अधिकांश पशु पालक अपने गायों को खुले में छोड़ देते हैं। इसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से भी बेसहारा मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर नहीं रखा जा रहा है। राज्य शासन ने बेसहारा पशुओं के लिए गोठान बनवाए गए हैं। इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए। लेकिन गोठानों से मवेशी नजर नहीं आते हैं।

सड़कों पर झुंड बनाकर बैठे रहते हैं। दूसरी ओर पशु मालिकों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं होती है। बिलासपुर नगर निगम द्वारा बेसहारा मवेशियों को पकड़ने के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है। लेकिन सच कुछ और होता है। सड़कों पर बैठने वाले मवेशियों के कारण मोटरसाइकिल सवार ज्यादा दुर्घटना के शिकार होते हैं। इससे कई लोगों की जान भी चली गई है। इसके अलावा भारी वाहनों के चपेट में आने से प्रतिदिन मवेशियों की मौत हो रही है। इससे दोनों को नुकसान हो रहा है। हादसा को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई खास पहल नहीं किया जा रहा है।

Posted By: Abrak Akrosh

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