बिलासपुर । उन अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए कलेक्टर का फरमान परेशानी का कारण बन सकता है जो शासकीय आवास का आवंटन करा लिए हैं और वहां नहीं रहते। ऐसे अफसरों व कर्मचारियों की अब सूची बनेगी । भौतिक सत्यापन के दौरान अगर गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई भी होगी। कलेक्टर के इस फरमान के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों एवं अधीनस्थ कर्मचारियों के निवास के पते, फोन नंबर की सूची अनिवार्य रूप से बनायें और तत्काल ही कलेक्टर कार्यालय में भी यह सूची उपलब्ध करायें। उन्हें हर कर्मचारी के निवास का पता चाहिये।

जो अधिकारी, कर्मचारी वेतन के साथ मकान भत्ता ले रहे हैं, उनका भौतिक सत्यापन भी करायें और जो अपने स्थानीय निवास स्थान में निवास नहीं कर रहे हैं उन्हें दिये जा रहे मकान भत्ता की वसूली एवं अन्य दण्डात्मक कार्यवाही की जाए।

प्रत्येक कार्यालय में जनता से मिलने का समय बोर्ड में प्रदर्शित किया जाए। जिन लोगों ने बोर्ड नहीं लगाया है वे आज ही लगा लें। कार्यालय में आने वाले निःशक्तजन एवं गर्भवती महिलाओं को मिलने के लिये इंतजार न करना पड़े, उन्हें प्राथमिकता दी जाए।

जिले में एक दिसंबर 2019 से समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदने के लिये की जा रही तैयारी पूर्णता की ओर है। इस वर्ष 1 लाख 8 हजार से अधिक किसानों ने अपना पंजीयन समितियों में कराया है।

कलेक्टर डॉ.संजय अलंग ने जिले के सभी 130 धान खरीदी केन्द्रों में चाक-चैबन्द व्यवस्था रखने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने बुधवार को टीएल की मीटिंग में धान खरीदी की तैयारी के लिये निर्देश देते हुए कहा कि खरीदी केंद्रों में नापतौल यंत्र, कांटा-बांट, नमी मापक यंत्र, बारदाने की उपलब्धता में कोई कमी न रहे।

स्कूल, छात्रावास में स्व-सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार

जिले के सभी स्कूल, छात्रावास, महाविद्यालय, इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों वाले महाविद्यालयों में शहरी क्षेत्र के स्व-सहायता समूहों को केंटीन संचालित करने और विद्यार्थियों के अन्य छोटी-छोटी जरूरतों के समान विक्रय के लिए जगह उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे उन्हें रोजगार भी मिलेगा और विद्यार्थियों को भी सुविधा होगी। कलेक्टर ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network