बिलासपुर। नईदुनिया संवाद जन का मन कार्यक्रम गुस्र्वार को आयोजित किया गया। इसमें क्या उद्धव ठाकरे को सीएम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, विषय पर चर्चा हुई। इस विषय पर नईदुनिया की टीम ने जनता के बीच जाकर उनके मन को जानने का प्रयास किया। जिला पंचायत कार्यालय, कम्पोजिट बिल्डिंग व रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास के लोगों से बातचीत की। महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल के बारे में लोगों का विचार जाना। इस दौरान शहर के युवाओं ने खुलकर अपनी बात रखी। किसी ने कहा कि सीएम उद्धव को संघर्ष कर सरकार को बचाने का प्रयास करना चाहिए तो किसी ने इस्तीफा देने को ही सही कदम बताया।

नईदुनिया की टीम ने जन का मन कार्यक्रम के तहत शहर में अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किया। लोगों से संपर्क कर उनके विचार को जानने का प्रयास किया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही बेबाक तरीके से अपने-अपने विचार का सबसे सामने रखा। महाराष्ट्र में हो रहे राजनीतिक उठापठक को लेकर चर्चा की। इस दौरान 60 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सीएम उद्धव को इस्तीफा दे देना चाहिए। 40 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उद्धव को संघर्ष कर अपनी सरकार को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। नईदुनिया संवाद के कार्यक्रम का संचालन कैंपेन हेड अनुपम शर्मा, रवि ठाकुर, अंजली देवांगन, रितिका विश्वकर्मा, तुलेश्वर साहू ने किया। शुक्रवार को जन का मन कार्यक्रम सुबह सात बजे से कंपनी गार्डन में होगा।

जानिए क्या कहा जन के मन में

  • एडवोकेट अविनाश कश्यप ने कहा कि महाराष्ट्र में जो भी सियासी हलचल पैदा हुई है, यह बीजेपी की साजिश है। पूर्व में राजस्थान में भी इस तरह का घटनाक्रम देख चुके हैं। मध्य प्रदेश में बीजेपी ने कांग्रेस सरकार गिराकर लोकतंत्र के मुंह पर करारा तमाचा मारा था। जनता सब देख रही है और उद्धव ठाकरे को इस्तीफा ना देकर अपनी सरकार बचाने का प्रयास करना चाहिए।
  • बिलासपुर के छात्र प्रकाश का कहना है कि अपने कर्मों को यहीं भुगतना पड़ता है। शिवसेना ने बीजेपी के साथ जो किया, वही अब शिवसेना के साथ हो रहा है। उद्धव ठाकरे को इस्तीफा देना होगा।
  • बिलासपुर के मोहनलाल पांडे का कहना है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। यह कांग्रेस समर्थित सरकार है और कांग्रेस हमारे देश की पहली पार्टी है। इसलिए नई शुरुआत होगी।

  • नगर निगम बिलासपुर के पार्षद व पूर्व सरपंच मंगला श्याम भाई पटेल का कहना है कि उद्धव ठाकरे को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। बल्कि अपने बागी विधायकों को समझाना चाहिए या दलबदल कानून के तहत सदस्यता समाप्त कर सरकार बचाने का पूर्ण प्रयास करना चाहिए।
  • बिलासपुर के बृजराज सिंह ने कहा कि यदि शिवसेना अपने विधायकों को नियंत्रण में नहीं रख पा रही है तो उद्धव ठाकरे को इस्तीफा दे देना चाहिए। जो अपने साथियों व सहयोगियों को नियंत्रित नहीं कर सकता, वे नेता बनने के योग्य नहीं है।

  • एडवोकेट सतीश तिवारी बिलासपुर ने कहा कि आज से तीन वर्ष पूर्व शिवसेना व शिव सैनिक हिंदुत्ववादी मुद्दे के साथ खड़े थे। बालासाहब ठाकरे ने अपना पूरा जीवन हिंदुत्ववादी मुद्दों के साथ जिया। लेकिन उद्धव ठाकरे को बीजेपी से जो लालच भरी अपेक्षाएं थी, वह पूरी होती नहीं दिख रही थी। इसलिए वे कांग्रेस व एनसीपी के साथ गए। शिवसैनिकों के खून में आज भी हिंदुत्व जिंदा है जो अब बाहर निकलकर आ रहा है। उद्धव ठाकरे को इस्तीफा देना होगा और अब इनकी राजनीति का भी अंत होगा। नई शिवसेना नए लोगों की होगी।
  • सकरी के रहने वाले अविनाश वाडेकर का कहना है कि उद्धव ठाकरे को तब तक इस्तीफा नहीं देना चाहिए, जब तक इस पद के योग्य कोई दूसरा व्यक्ति ना मिल जाए। शिवसेना को अपनी सरकार बचाने हर संभव प्रयास करना चाहिए।

  • बिलासपुर के रोहित जायसवाल ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने के बजाय संघर्ष करना चाहिए। मैं बचपन से देखते आ रहा हूं कि शिवसेना के बाला साहब ठाकरे से लेकर आदित्य ठाकरे तक कितना संघर्ष किया है।
  • बिलासपुर के विवेक लक्ष्मे का कहना है कि अपना सम्मान बचाने के लिए उद्धव ठाकरे को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि वे इस्तीफा नहीं देंगे तो भी उन्हें बाहर तो होना ही है।

  • बिलासपुर के मोहन गोस्वामी ने कहा कि उद्धव ठाकरे को सोशल मीडिया द्वारा नहीं सीधे मीडिया के सामने आकर सम्पूर्ण घटना क्रम साझा करना चाहिए। यदि वे कोरोना पाजिटिव हैं तो अपने पुत्र आदित्य ठाकरे को सामने लाते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी के गठबंधन के समय मंत्री पदों के लिए इन्होंने काफी हंगामा किया था और लगातार कर्ई जनविरोधी घटनाक्रम में भी संलिप्त रहे हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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