बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 31 स्टेशनों में 36 स्टालों में स्थानीय स्तर पर निर्मित एवं प्रसिद्ध वस्तुओं की बिक्री शुरू की गई है। जल्द ही कुछ और स्टेशनों में यह सुविधा प्रारंभ होगी।

रेलवे की व्यापक पहुंच और महत्व को ध्यान में रखते हुए स्थानीय उत्पादों को देशभर में लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 की केंद्रीय बजट में वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न् स्टेशनों में स्थानीय कपड़े, हस्तशिल्प, मिटटी से निर्मित वस्तुएं, हथकरघा, बांस के उत्पाद, वनोपज बढ़ावा दिया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नाम मात्र शुल्क के साथ स्थानीय उत्पादों को 15-15 दिनों के लिए यह व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना अंतर्गत बिलासपुर रेलवे स्टेशन में छतीसगढ़ के प्रसिद्ध ढोकरा कला द्वारा निर्मित बेल मेटल कलाकृतियां, रायपुर स्टेशन में बस्तर आर्ट एवं गन मेटल का सामान, इतवारी, गोंदिया व राजनांदगांव में बांस के उत्पाद की बिक्री की जा रही है। इन स्टालों में उपलब्ध कलाकृतियों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए इन विलक्षण कलाकृतियों से यात्री परिचित हो रहे हैं।

साथ ही आवश्यकतानुसार इसकी खरीददारी भी कर रहे हैं। इस योजना के तहत रेलवे छोटे किसानों और उमों के लिए कुशल लाजिस्टिक्स विकसित करेगा। प्रत्येक रेलवे स्टेशन को एक स्थानीय उत्पाद के लिए प्रचार केंद्र की तरह देखा जा सकता है। यह किसानों और कृषि एवं उसके सहयोगी उमों के लिए अधिक कुशल विकसित करने में मदद करेगा और स्टेशनों से गुजरने वाले व्यापक दर्शकों, यानी रेलवे यात्रियों के लिए अद्वितीय क्षेत्रीय उत्पाद पेश करेगा। इसका उद्देश्य रेलवे का उपयोग करके स्थानीय उत्पाद की आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाना है। इसके लिए कियोस्क स्टाल का निर्माण नेशनल इंस्टीट्यूट आफ डिजाइन अहमदाबाद द्वारा किया गया है।

पहली बार कियोस्क लगाने किए जा रहे आवेदन

रेलवे के इतिहास में पहली बार होगा कि कियोस्क लगाने के लिए लोगों द्वारा आवेदन किए जा रहे हैं। कियोस्क का ढांचा रेलवे देगा, जबकि जिसे यह अलाट होंगे वे सामान रखकर बेच सकेंगे। इसकी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना में प्रत्यक्ष रूप से प्राथमिक उत्पादकों के लिए है। एक स्टेशन-एक उत्पाद के तहत स्थानीय कलाकार को स्टेशन पर सिर्फ 15 दिन में ही अपने उत्पाद प्रदर्शित करने दिया जाएगा। इसके बाद दूसरे कलाकारों को मौका मिलेगा। एक माह में दो उत्पाद और एक साल में 24 उत्पाद एक स्टेशन के लिए रेलवे को चाहिए हैं। ऐसे में एक स्टेशन पर एक या दो नहीं बल्कि कई स्थानीय उत्पादों को यह स्टाल उपलब्ध कराया जाएगा।

जोन के इन स्टेशनों में है स्टाल

बिलासपुर, अनूपपुर, चांपा, कोरबा, पेंड्रारोड, रायगढ़, शहडोल, सक्ती, नैला, अकलतरा, उसलापुर, बुढ़ार, अंबिकापुर, विश्रामपुर, रायपुर, दुर्ग, भिलाई पावर हाउस, मरौदा, दल्लीराजहरा, भाटापारा, इतवारी, गोंदिया, नैनपुर, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, तुमसर रोड, भंडारा रोड, बालाघाट, कामठी, घंसौर एवं छिंदवाड़ा स्टेशन।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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