बिलासपुर। हाई कोर्ट ने पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा तीन प्रिंटर्स कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। साथ ही कहा है कि निगम का यह फैसला अनुचित है। जस्टिस आरसीएस सामंत ने दो जनवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था। पाठ्य पुस्तक निगम रायपुर में काम करने वाली प्रिंटर्स कंपनियों के खिलाफ अनियमितता और गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। जांच के बाद निगम ने आरोपों को सही पाया। इसी आधार पर जनवरी 2021 को कार्रवाई करते हुए तीन को ब्लैक लिस्टेड कर दिया।

इस आदेश के साथ ही निगम ने इन प्रिंटर्स कंपनी को निविदा से बाहर कर दिया। इसके खिलाफ रायपुर की टेक्नो प्रिंटर्स, रामराजा प्रिंटर्स और प्रगति प्रिंट्स ने एडवोकेट आशुतोष पांडेय, एवी श्रीधर, शशांक ठाकुर, हिमांशु सिन्हा के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि उनका पक्ष सुने बिना कार्रवाई की गई है। यह अवैधानिक है। हाई कोर्ट ने मामले में पाठ्य पुस्तक निगम सहित याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुना।

सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस आरसीएस सामंत ने फैसला आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता प्रिंटर्स कंपनियों के पक्ष में फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रिंटर्स कंपनियों को काली सूची में डालने का आदेश असंवैधानिक व अनुचित है।

पथरिया नगर पंचायत में टेंडर के खिलाफ पेश याचिका खारिज

बिलासपुर। हाई कोर्ट ने पथरिया नगर पंचायत में निकाले गए टेंडर पर रोक लगाने ठेकेदारों की ओर से पेश याचिका को खारिज कर दिया है। मुंगेली जिला की पथरिया नगर पंचायत में नाली, सड़क व अन्य निर्माण के लिए पांच अप्रैल 2021 को निविदा आमंत्रित की गई थी। इसके खिलाफ सोफिया कंस्ट्रक्शन, आशीष केडिया सहित अन्य ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता टेंडर भरने नगर पंचायत कार्यालय गए थे। उन्हें टेंडर फार्म नहीं दिया गया।

इसकी सीएमओ से शिकायत की। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने टेंडर जारी करने पर आगामी आदेश तक रोक लगाई। 25 जनवरी 2022 को मामले में अंतिम बहस हुई। कोर्ट ने एसडीएम की जांच रिपोर्ट में पाया कि जांच के दौरान याचिकाकर्ता उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने वाट्सएप में जानकारी देने की बात कही। कोर्ट ने उनके तर्क को अमान्य करते हुए टेंडर जारी करने पर लगी रोक को समाप्त कर याचिकाओं को खारिज किया है। नगर पंचायत की ओर से अधिवक्ता सुदीप अग्रवाल ने पैरवी की है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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