बिलासपुर। Oxygen Express in Bilaspur: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन भी आक्सीजन एक्सप्रेस के सुरक्षित परिचालन में बड़ा योगदान दे रहा है। एक मई से अब तक जोन से 45 आक्सीजन एक्सप्रेस गुजर चुकी हैं। इनमें दो ट्रेनें जोन से छूटी हैं। रेलवे का हर विभाग इस ट्रेन को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए डटा हुआ है। सभी ट्रेन के गुजरने की सूचना मिलते ही अमला सतर्क हो जाता है, ताकि किसी तरह परिचालन में अड़चन न आए।

देश में अभी सबसे ज्यादा जरूरत आक्सीजन की है। इसकी आपूर्ति के लिए बड़े प्लांट भी आगे आए हैं। प्लांट से लेकर संबंधित शहर जहां आक्सीजन की आवश्यकता है वहां तक पहुंचाने के लिए रेलवे को जवाबदारी सौंपी गई है। यह जिम्मेदारी मिलने के बाद हर जोन ने ग्रीन कारीडोर बनाया है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन भी इसमें शामिल है। समय पर योजना को अमल करने का नतीजा है कि जोन के किसी भी सेक्शन में इस स्पेशल ट्रेन के परिचालन को लेकर किसी तरह की अड़चन नहीं आई है। जोन में आक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत जोन के रायपुर रेल मंडल से हुई थी।

इसमें पहली ट्रेन महाराष्ट्र से विशाखापतनम के लिए दुर्ग होकर रवाना की गई थी। इसके बाद बिलासपुर मंडल के रायगढ़ से भोपाल के लिए आक्सीजन एक्सप्रेस छूटी। हर दिन आक्सीजन एक्सप्रेस जोन के अलग-अलग सेक्शन से गुजर रही है। जोन से जो दो ट्रेनें छूटी हैं, उनमें एक आक्सीजन भरी हुई और एक खाली थी। इसी तरह जोन से गुजरी 39 आक्सीजन एक्सप्रेस ऐसी थीं जिनमें 27 भरी और 14 खाली थीं।

इन ट्रेनों में चलने वाले कर्मचारियों के लिए शहडोल व बिलासपुर स्टेशन में रेलवे की ओर से भोजन की व्यवस्था भी की गई है। अभी भी अमले को निर्देश है कि इसी तरह की आवश्यकता पड़ने पर बिल्कुल टालमटोल न करें और जितनी हो सके मदद करें।

Posted By: sandeep.yadav

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