बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने खरीदी केंद्रों के जरिए जिले के एक लाख 17 हजार 866 पंजीकृत किसानों से 50,44,472.80 लाख क्विंटल धान की खरीदी की है। इसके एवज में बैंक ने किसानों को 10 अरब 29 करोड़ 38 लाख 71 हजार 224 स्र्पये का भुगतान किया है। इस बार धान खरीदी की खास बात ये कि तीसरे दिन किसानों के बैंक खाते में बैंक द्वारा राशि का भुगतान कर दिया गया था। इस बार किसानों को बारदाना के लिए भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। समितियों के जरिए किसानों को उनके मांग के अनुरूप बारदाना की आपूर्ति की जा रही थी।

धान की मात्रा क्विंटल व भुगतान रूपये में

बैंक शाखा का नाम धान बेचने वाले किसानों की संख्या मोटा पतला सरना कुल राशि

लोहर्सी 11352 294610.40 0.00 171651.21 95,11,73,664

लोरमी 3673 143790.40 1204.80 13535.20 32,34,26,112 सीपत 5223 186431.60 3003.20 6743.20 40,02,63,184 तखतपुर 13479 347160.00 13185.60 237141.20 1,21,91,36,784

मल्हार 5637 194685.20 0.00 26130.00 45,04,63,008

मेन ब्रांच 12472 381662.00 20490.80 146162.80 1,11,89,73,640

बिल्हा 13862 492498.00 8196.80 94690.80 1,21,47,50,560

बेलतरा 4897 214750.40 206.00 360.40 43,92,50,392

धनिया 3423 151066.80 562.00 7431.20 32,44,93,640

रतनपुर 9615 423536.00 11700.40 0.00 88,81,16,264

मस्तूरी 10215 320050.00 11.60 61894.40 77,91,90,472

मंडी 4111 147541.20 90.00 9522.40 32,05,95,144

करगीरोड 15036 535126.00 98684.40 77795.60 1,45,36,49,928

सरकंडा 4872 1749874.40 0.00 51296.40 41,03,88,432

कुल बैंक शाखा-14

  • धान बेचने वाले किसान- 117866
  • मोटा धान- 3982782.40 क्विंटल
  • पतला धान- 157335.60 क्विंटल
  • सरना धान- 904354.80 क्विंटल
  • कुल धान- 5044470.80 क्विंटल
  • किसानों को भुगतान- 10,29,38,71,224 स्र्पये

चुनावी साल में नहीं उठाना चाहती जोखिम

नवंबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान इस बार राज्य शासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्षों के अलावा मुख्य कार्यपालन अधिकारी व मार्कफेड के अधिकारी को स्पष्ट हिदायत दी थी कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। बारदान की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में करने के निर्देश थे। धान खरीदी के तीसरे दिन किसानों के बैंक खाते में भुगतान भी किया गया। इस वर्ष रकबा कटौती की शिकायत भी किसानों ने नहीं की।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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