बिलासपुर। Paryushan Parva in Bilaspur: जैन दिगंबर समाज का 19 सितंबर तक चलने वाला पर्युषण महापर्व शुक्रवार से शुरू हो गया है। इस दौरान आत्मा विशुद्धि, संयम, त्याग और आत्म चेतना को विकसित करने का यह अवसर को बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। पर्युषण पर्व के दूसरे दिन सरकंडा पाठशाला की ओर से क्षणभंगुर संसार पर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रभारी अर्पंण जैन व शिप्रा जैन हैं।

जैन सभा अध्यक्ष वीर कुमार जैन ने बताया कि कोविड-19 को देखते हुए सभी कार्यक्रम सकल जैन समाज के लिए आयोजित कार्यक्रम आनलाइन किए जाएंगे। बच्चों के लिए विशेष आकर्षण प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होने के पूर्व एक छोटा सा वीडियो दिखाया जाएगा और उसके बाद इस वीडियो से संबंधित व जैन संस्कार शाला से संबंधित पांच सवाल पूछे जाएंगे। सही जवाब देने वाले बधाों को पुरस्कृत किया जाएगा। कुछ कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को क्रांति नगर जैन मंदिर में आकर अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करना है। इसका प्रसारण आनलाइन किया जाएगा।

शाम को मंगला जैन द्वारा क्रांति नगर जैन मंदिर में स्वाध्याय कराया जा रहा है। प्रतिदिन संध्या कालीन आरती एक या दो परिवार द्वारा क्रांति नगर जैन मंदिर में की जाएगी। इसका प्रसारण भी आनलाइन किया जा रहा है। दिगंबर जैन समाज के सबसे बड़े पर्व पर्युषण का शुक्रवार को पहला दिन था। उत्तम क्षमा का दिन था, इसके लिए तीनों मंदिर श्रीजी सरकंडा, क्रांतिनगर व सन्मति विहार मंगला में विशेष तैयारियां की गई थीं।

सुबह सात बजे से श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा व पूजन विधि विधान के साथ संपन्न् की गई। इस अवसर पर शांतिधारा की बोली लगाई गई। सभी जैन धर्मावलंबी मंदिर श्रीजी जाकर पूजा अर्चना में लीन रहे। शाम 6.30 बजे से सामयिक पाठ उसके बाद आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रसारण आनलाइन किया गया।

ये पूछे गए सवाल

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सदस्य अमित जैन द्वारा प्रतिदिन आनलाइन आओ ज्ञान बढ़ाएं कार्यक्रम में सवाल पूछे जाएंगे। शुक्रवार को छह सवाल पूछे गए जिसमें तीर्थंकर प्रकृति बंध का कारण क्या है, चक्रवर्ती के कितने चावर ढूंराये जाते हैं, रत्नकरणडक श्रावकाचार के रचयिता कौन हैं, वे कौन से मुनिराज थे जिनके क्रोध से द्वारिका जली, पांचों परमेश्वटी के मूल गुणों का योग कितना होता है, अगली चौबीसी के प्रथम तीर्थंकर कौन होंगे। सभी प्रश्नों के चार-चार विकल्प दिए गए थे।

Posted By: sandeep.yadav

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