बिलासपुर। Bilaspur News : कोरबा के प्रधान डाकघर में पिछले छह माह से रेलवे की टिकट आरक्षण सेवा ठप पड़ी है। यहां के सर्वर में आई तकनीकी खराबी में सुधार नहीं किए जाने से लोगों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शहर के मध्य व्यवस्था देख रेलवे की ओर टिकट आरक्षण कार्य के लिए डाकघर से अनुबंध किया था, पर लोगों की सुविधा बढ़ाने की मंशा पर प्रबंधन की अनदेखी भारी पड़ रही।

कोसाबाड़ी स्थित प्रधान डाकघर में इस बार सर्वर में खराबी की वजह से लोगों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। लाकडाउन की वजह से मार्च में बंद की गई केंद्र की सेवा को पुन: बहाल करने रेलवे की ओर से मई में ही हरी झंडी दे दी गई थी। इसके बाद सर्वर में समस्या शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि रेलवे का सर्वर ठीक है, पर डाकघर में आ रही तकनीकी दिक्कत के चलते वह रेलवे के सर्वर से कनेक्ट नहीं हो पा रहा।

परिणाम स्वरूप डाकघर के आरक्षण काउंटर में टिकट बुकिंग का कार्य ठप हो गया है। पहले ही रेलवे ने शहर के पुराने टिकट आरक्षण केंद्रों में ताला लगा रखा है। निहारिका क्षेत्र से लेकर रजगामार, बाल्को, ओमपुर, सीएसईबी कालोनी से लेकर अनेक क्षेत्रों से लोग यहां रेल टिकट का आरक्षण कराने पहुंचते हैं, जिन्हें इस सेवा का अब लाभ नहीं मिल पा रहा है।

कोरोनाकाल के पहले तक डाकघर के आरक्षण केंद्र से प्रतिदिन औसतन 40 से 60 आरक्षण हो रहे थे। केंद्र शुरू करने के समय उम्मीद जताई गई थी कि शहर के इस क्षेत्र में डाकघर के अंदर रेलवे आरक्षण की सुविधा से काफी लोगों को बेहतर लाभ मिल सकेगा, पर ऐसा नहीं हो रहा। हालांकि, अब मोबाइल पर उपलब्ध रेलवे की ई-टिकटिंग सेवा बेहतर होने व प्रचलन में वृद्धि से कुछ राहत भी है।

इससे पूर्व भी कर्मियों की कमी का बहाना

साढ़े छह साल पहले 29 अप्रैल 2014 को (43 माह) इस एकल काउंटर सुविधा प्रधान डाकघर में प्रारंभ की गई थी। रेलवे की आरक्षण सेवा निर्बाध जारी रखने के उद्देश्य से इस कार्य में संलग्न करने डाक विभाग के चार डाक कर्मियों को बुकिंग क्लर्क का प्रशिक्षण प्रदान किया था। इसके विपरीत केवल एक कर्मचारी से ही लगातार काउंटर पर सेवा ली जाती रही। इससे पूर्व भी कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए डाक प्रबंधन की ओर से आरक्षण सेवा ठप कर दी गई थी। अब तकनीकी दिक्कत की वजह से आम लोग परेशान हो रहे हैं।

पीआरएस के बाद अब शहर में मात्र एक काउंटर

कोरबा टाउन में शहर के सबसे पुराने केंद्र रहे गीतांजलि भवन ई-सेवा केंद्र का रेलवे काउंटर पहले ही बंद कर चुका है। इसके बाद शहर के लोग डाकघर का रूख कर रहे थे। रविवार का अवकाश छोड़कर सप्ताह के छह दिन तक उपलब्ध कराने सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक का वक्त निर्धारित किया गया था, जिसे लोगों की संख्या को देखते हुए बाद में बढ़ाया भी गया। स्टेशन के रेलवे आरक्षण केंद्र के बाद अब शहर में सिर्फ निहारिका का यात्री सुविधा केंद्र एकमात्र काउंटर है, जहां आरक्षण सुविधा मिल रही। वहां भी एक निजी काउंटर संचालित है।

उपनगरों के यात्रियों को ज्यादा परेशानी

रेलवे स्टेशन के बाद लोगों की सुविधा के लिए ही शहर के अन्य स्थानों में काउंटर बढ़ाने की बात कही जा रही थी। इसके विपरीत गीतांजलि भवन में संचालित ई-सेवा सेंटर, जमनीपाली, बाल्को व कटघोरा के आरक्षण केंद्रों को एक-एक कर ताला लगा दिया गया।

विशेषकर कटघोरा के लोगों को आरक्षण सेवाओं का लाभ लेने 40 किलोमीटर दूर से कोरबा आना पड़ रहा है। इसी तरह बाल्को से दस किलोमीटर, जमनीपाली से 15 व दीपका से 25 किलोमीटर का रास्ता तय कर लोगों को स्टेशन आना पड़ रहा है।

Posted By: Shashank.bajpai

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