बिलासपुर। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों की परेशानी बढ़ी हुई है। करीब डेढ़ से दो महीने हो गए हावड़ा व मुंबई से आने वाली ट्रेनें विलंब से पहुंच रही हैं। रविवार को भी यही स्थिति थी। हावड़ा-मुंबई मेल, हावड़ा-पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस, हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस समेत आधा दर्जन ट्रेनें दो से तीन घंटा विलंब से पहुंची। इसके चलते यात्री परेशान हुए।

ट्रेनों के विलंब का यह सिलसिला करीब डेढ़ महीने से जारी है। समयबद्धता व यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराने का दावा करने वाली रेलवे को इन दिनों यात्रियों की समस्या नजर नहीं आ रही है। हावड़ा से ट्रेन विलंब से जाती है तो मुंबई व पुणे से ट्रेन वापसी में देर से ही आती है। इसके बाद रेलवे के द्वारा ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए किसी तरह की प्रयास नहीं किया जा रहा है। ट्रेनों को आउटर पर रोक दिया जाता है। यही स्थिति नागपुर से बिलासपुर पहुंचने वाली शिवनाथ एक्सप्रेस व इंटरसिटी एक्सप्रेस की रही।

यह ट्रेन तो जोन में ही चलती है। इसके बावजूद रेलवे ट्रेनों के समय पर परिचालन में असफल है। यात्रियों की परेशानियों से भी उन्हें कोई लेना देना नहीं है। रविवा रको हावड़ा से आने वाली ट्रेनों का इंतजार जोनल स्टेशन में यात्रियों को करना पड़ा। यहां मौजूद यात्रियों के चेहरे में चिंता थी। दरअसल कई यात्री ऐसे थे, जिन्हें जरूरी काम के सिलसिले में जाना था। पर ट्रेन की देर होने की वजह से कई यात्रियों का जरूरी काम तक प्रभावित हुआ।

यात्रियों ने रेलवे पर नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना था कि यात्रियों की परेशानी से रेलवे को कोई लेना देना नहीं है। इंटरसिटी का बिलासपुर से छूटने का समय दोपहर 3:55 बजे हैं। लेकिन रविवार को यह ट्रेन शाम चार बजे के करीब पहुंची। यात्रियों को उतरने और जिन्हें वापस इससे यात्रा करनी है, उनके ट्रेन में चढ़ने के लिए रेलवे द्वारा समय दिया गया। इसके कारण ही ट्रेन डेढ़ घंटे रिशेड्यूल होकर रवाना हुई।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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