बिलासपुर। Bilaspur News: वनमंडल कटघोरा के पसान वन परिक्षेत्र में बीते दो वर्षो के भीतर 20 चैकडेम निर्माण की स्वीकृति मिली थी। जिसे अधूरा निर्माण कराकर 12 करोड़ राशि का आहरण कर लिया गया। यही नहीं इससें काम करने वाले 800 ग्रामीण मजदूरों का 86 लाख मजदूरी भुगतान शेष है। अधूरे निर्माण और भुगतान में गड़बड़ी की जांच के लिए मजदूरों ने दो माह पहले शिकायत की थी। मामलें की जांच रिपोर्ट सामने लाए जाने के बजाय अब साक्ष्य को छिपाया जा रहा है। साथ निर्माण को पूर्ण बताने के लिए लीपापोती की जा रही है।

निर्माण कार्यो में व्यापक पैमाने में की गई गड़बड़ी का प्रमाण सहित शिकायत अजय गर्ग व नवीन गोयल ने 5 अक्टूबर को कटघोरा वनमंडल कार्यालय में की थी। शिकायत पत्र में निर्माण की जांच कराने और दोषी निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद भी मामले में अब तक कोई कार्रवाई नही की गई है। उलटा जहां निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया था, उसे पूरा दर्शाने के लिए पुनर्निर्माण के नाम पर मामूली सुधार की जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने अपने शिकायत में पूरे प्रमाण के साथ दस्तावेज सौपें थे ,उस पर अब लीपापोती हो रही है और प्राक्कलन में भी छेड़छाड़ किया जा रहा है।

शिकायत के दौरान वनमंडलाधिकारी ने निष्पक्ष जांच की बात कही थी, लेकिन अब तक जांच के मामले में ठोस कदम नहीं उठाए जाने से मजदूरों में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने अपनी समस्या को पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को भी अवगत कराया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कंवर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वनमंत्री मोहम्मद अकबर व मुख्य सचिव आरपी मंडल को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने इस विषय पर नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को भी पूरे साक्ष्यों के साथ गड़बड़ी से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।

आरटीआइ के तहत नहीं दी जा रही जानकारी

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत कार्यों के संबंध में प्राक्कलन,माप पुस्तिका एवं प्रमाणक आदि दस्तावेजों की सत्यापित कापी की मांग की गई है। समय सीमा बीत जाने के बाद भी नहीं मिली है। अधिनियम के अंतर्गत प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील भी किया गया है, उस पर भी लगभग दो महीने होने वाले हैं फिर भी बार- बार तारीख देकर अवधि बढ़ाई जा रही है। कुछ विषयों पर आवेदकों को जानकारी नहीं दिए जाने की मंशा से गुमराह किया जा रहा।

विभागीय मद से कराए जा रहे गैरवानिकी काम

शिकायतकर्ता का कहना है कि वन मंडल कटघोरा में कैंपा एवं विभागीय मद से कई करोड़ों की लागत से गैरवानिकी निर्माण कार्य किया जा रहा है। निर्माण के लिए किसी भी प्रकार की तकनीकी स्वीकृति नहीं कराई गई है। केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त विभिन्ना महती योजनाओं की राशि का बंदरबाट किया जा रहा है। जंगलों में अवैध खनन कर गिट्टी और बोल्डर एकत्रित की जा रही है, जिससे सरेआम वन संरक्षण अधिनियिम का उल्लंघन किया जा रहा है।

इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है । जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। रही बात पुनर्निर्माण की तो इसकी सूचना मुझे नहीं है।

समा फारुकी , डीएफओ कटघोरा

Posted By: sandeep.yadav

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