बिलासपुर। जीवन में घटने वाली हर घटना का सूर्योदय और सूर्यास्त से गहरा नाता है। मनुष्य के जन्म का भी इसमें विशेष प्रभाव पड़ता है। सूर्योदय के बाद जन्म लेने वाले लोगों का व्यक्तित्व अलग रहता है और सूर्यास्त के बाद जन्म लेने वाले व्यक्तित्व का आचरण भी अलग होता है। बिलासपुर के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के मुताबिक सूर्योदय के समय दिन का पहला प्रहर प्रारंभ होता है जिसे पूर्वान्ह कहा जाता है। इस दिन का प्रथम प्रहर भी कहते हैं। इसका समय सुबह के छह बजे से नौ बजे के बीच का होता है।

यह प्रहर आंशिक रूप से सात्विक और राजसिक होता है, लेकिन नकारात्मक नहीं। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे जीवन में बहुत उन्नती करते हैं। हालांकि जीवन काल के प्रारंभ में थोड़ा बहुत इनका स्वास्थ गड़बड़ रहता है। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे तेज बुद्धि के और सत्यवादी होते हैं। वही सुबह का दूसरा पहर जब सूरज सिर पर आ जाता है तब तक रहता है जिसे मध्याह्न कहते हैं।

यह प्रहर सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक रहता है। यह शुद्ध रूप से रजोगुणी प्रहर होता है। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चों की राजनीति और प्रशासनिक कार्यों में रुचि रहती है। ऐसे प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चे नेतृत्व करके खूब धन या यश कमाते हैं। इसके अलावा यह समाज में बहुत ज्यादा मान सम्मान प्राप्त करते हैं। इनके जीवन में कई बार अनेक कठिनाइयां भी आती है लेकिन इससे पार कर जाते हैं। इसी तरह सूर्यास्त के बाद जन्म लेने वाले व्यक्ति का व्यक्तित्व थोड़ा अलग होता है। जिन लोगों का जन्म सूर्यास्त के बाद होता है, वे लोग बहुत भावुक, संकोची और चीज़ों को जल्दी स्वीकार करने वाले होते हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित वासुदेव शर्मा की माने तो सूर्यास्त के बाद जन्म लेने वाले जातक सूर्यास्त से पहले जन्में लोगों की तुलना में बेहद शर्मीले होते हैं, आमतौर पर सबकी नज़र में आने से परहेज़ करते हैं। इन जातकों का झुकाव चंद्र राशि के प्रति अधिक होता है। यह भी देखा गया है कि सूर्यास्त के बाद जन्मे जातकों के पास ज्ञान का भंडार होता है इसलिए ये लोग किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को करते समय अपनी भावनाओं को अहमियत देते हैं। ये दूरदर्शी होते हैं।

इन बच्चों की बुद्धि बहुत तेज होती है। अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के बीच इकलौते ऐसे व्यक्ति होते हैं जो सभी ख़बरों से जागरूक रहते हैं। साथ ही, ये लोग अपने ज्ञान से दूसरों को हैरान करने में सक्षम होते हैं। आशावादी, उत्साही और कल्पनाशील होते हैं जो उन्हें रचनात्मक क्षेत्रों में सफलता दिलाता है। धर्म के प्रति इनकी बड़ी आस्था रहती है। यही कारण है कि सूर्योदय की अपेक्षा सूर्यास्त के बाद जन्म लेने वाले बच्चे अधिक सफलता प्राप्त करते हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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