बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

यात्रियों में बुधवार को हड़कंप मच गया। यह स्थिति अचानक शिवनाथ एक्सप्रेस के रद होने के कारण निर्मित हुई। जिन यात्रियों ने इसकी पुष्टि की वह तो यात्रा किए। लेकिन मैसेज को सही मानने वाले वंचित हो गए। हालांकि ऐसे यात्रियों की संख्या कितनी है अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

शिवनाथ एक्सप्रेस के परिचालन में लगातार कुछ न कुछ दिक्कत आ रही है। यह ट्रेन रोज लेट हो रही है। लेटलतीफी के कारण रैक नहीं मिल पाती है। इसकी वजह से गेवरारोड पैसेंजर को मेमू की रैक से चलाई जा रही है। परिचालन के इन्हीं दिक्कतों के बीच बुधवार को कुछ यात्रियों के मोबाइल नंबर जिसे रिजर्वेशन कराते समय फार्म में दर्ज किए गए थे उसमें एसएमएस आया कि अपरिहार्य कारणों से 18239 गेवरारोड- इतवारी शिवनाथ एक्सप्रेस रद रहेगी। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए अफसोस है। यह मैसेज ट्रेन के रवाना होने के कुछ घंटे पहले आया। इसके चलते यात्रियों में हड़कंप मच गया। वे परेशान हो गए। कुछ यात्री ऐसे भी है जिन्होंने यह मैसेज सही है या सिस्टम में बड़बड़ी की वजह से पहुंचा है यह जानने की कोशिश नहीं की। वहीं जिन यात्रियों को सफर करना बेहद जरूरी था वे रेलवे के अलग- अलग एप व सिस्टम के सहारे यह खंगालने लगे कि ट्रेन रद रहेगी या चलेगी। कुछ यात्री तो स्टेशन में भी पूछताछ करने के पहुंच गए थे। यहां जो जानकारी मिली उससे उन्हें राहत तो मिली पर हैरानी भी हुई। क्योंकि ट्रेन रद नहीं थी। यह जरूर था कि थोड़ी विलंब से छूटेगी। यात्रियों को मैसेज के बारे में भी बताते रहे। हालांकि सभी ने इस मैसेज की जानकारी नहीं होने की बात की। यात्री इस अव्यवस्था से बेहद नाराज थे और लगातार यह जानने की जद्दोजहद करते रहे कि रेलवे से आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। भारी मशक्कत के बाद भी उनके इस सवाल का जवाब नहीं मिल सका। बाद में उन्होंने यात्रा पूरी है। कुछ यात्री वंचित भी हुए।

कुछ यात्रियों को ट्रेन के रद होने का मैसेज पहुंचने की जानकारी है। यह गड़बड़ी कैसे हुई इस बारे में छानबीन की जा रही है।

रविश कुमार सिंह

सीपीआरओ, दपूमरे जोन