बिलासपुर। High Court News: भाजपा के तत्कालीन प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा दिए गए बयान के खिलाफ प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। गुरुवार को जस्टिस संजय के अग्रवाल ने निजी कारणों से इस प्रकरण की सुनवाई से इन्कार कर दिया है। अब इसकी सुनवाई चीफ जस्टिस के आदेश पर दूसरी बेंच में होगी।

वर्ष 2013 में भाजपा के वरिष्ठ नेता व तत्कालीन प्रदेश प्रभारी जेपी नड्डा के खिलाफ पूर्व सीएम अजीत जोगी ने हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इसमें बताया गया कि जेपी नड्डा ने अपने बयान कहा था कि प्रदेश में बढ़ती नक्सली घटनाओं के लिए कांग्रेस व पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी जिम्मेदार हैं। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद जोगी मुख्यमंत्री रहे।

इसके पहले भी लंबे समय तक कांग्रेस सत्ता पर काबिज रही। लेकिन उन्होंने नक्सली गतिविधियों पर रोक लगाने की कोई ठोस नीति नहीं अपनाई। अखबारों में प्रकाशित खबरों को आधार बनाकर जोगी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। तब से यह मामला सुनवाई के लिए लंबित है। गुरुवार को इस प्रकरण की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल की एकलपीठ में होनी थी।

रिपोर्ट प्रस्तुत करने हाई कोर्ट का आदेश

सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 2020 की सिविल जज भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा के बाद आयोग ने माडल आंसर जारी किया। इसके बाद प्रश्न पत्र के प्रश्न क्रमांक 12 व 99 को डिलीट कर दिया और बताया कि दोनों ही सवाल गलत हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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