Bilaspur News: बिलासपुर। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले देशभर के चुनिंदा छात्रों से सीधी बात की थी। उनके सवालाें का जवाब भी दिया था। जिन छात्रों से पीएम मोदी रु-ब-रू हुए थे और जिन्होंने स्कूल प्रबंधन के जरिए चर्चा के लिए आनलाइन आवेदन जमा किया था अब उनके पास पीएम का जवाब आना शुरू हो गया है। छात्रों के नाम के पते के साथ ही उनका मोबाइल नंबर भी दर्ज किया गया है। बड़े लिफाफा के भीतर पीएम का दो पत्र है। एक पत्र में परीक्षा पे चर्चा में हिस्सा लेने के लिए धन्यवाद देने के साथ ही आज की युवा पीढ़ी से देश ने जो उम्मीद कर रखा है उसे लेकर विस्तार से पीएम ने चर्चा की है। मालूम हो कि परीक्षा से पहले छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने खुलकर चर्चा की थी। छात्राें के सवालों के जरिए उनके विचार जाने थे और अपने मन की बात छात्रों के बीच साझा भी की थी। चर्चा के दौरान छात्रों ने जो सवाल पीएम से किया उनका जवाब तो उन्होंने तत्काल दे दिया था। चर्चा के दौरान जो बातें आई उनको लेकर पीएम ने अपने पत्र में विस्तार से चर्चा की और युवा पीढ़ी से भरोसा जताया है कि देश की उन्नति और प्रगति उनका योगदान अहम रहेगा।

पत्र में पीएम ने जताया है भरोसा

पीएम मोदी ने अपने पत्र में लिखा है कि ''परीक्षा पे चर्चा'' में हिस्सा लेने और इस विषय पर अपने विचार साझा करने के लिए आपका धन्यवाद। आप जैसे युवा साथियों के विचारों को जानना- समझना हमेशा उत्साहजनक होता है। आज की युवा पीढ़ी की ऊर्जा, आत्मविश्वास और क्षमताओं को देखकर मुझे अत्यंत गर्व होता है। इस युवाशक्ति से हमारे देश की आशाएं और आकांक्षाएं जुड़ी हुई हैं। युवाओं के सामने आज संभावनाओं और अवसरों के असीमित द्वार खुले हैं। प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, नवाचार, खेल-कूद, स्टार्ट-अप समेत जिस भी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए सुविधाओं और संसाधनों की कोई कमी नहीं है। अगले 25 वर्ष भारत का अमृत कालखंड है, जिसमें एक भव्य विकसित और समर्थ राष्ट्र के निर्माण का संकल्प लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। यह 25 साल आपकी शिक्षा. आपके करियर, आपके व्यक्तित्व निर्माण के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। आप जैसे-जैसे अपने भविष्य को गढ़ते जाएंगे, उससे देश को भी नई दिशा मिलेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत की युवाशक्ति अपने व्यक्तिगत संकल्पों के साथ देश के संकल्पों को जोड़कर राष्ट्र को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आप जीवन की हर परीक्षा में सफलता प्राप्त करें, इस विश्वास के साथ आपको उज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

समृद्ध भारत के लिए पंच प्राण

आर्यन के नाम मिले प्रधानमंत्री की चिट्टी में अमृतकाल को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई है। पत्र में लिखा है कि अगले 25 वर्षों की अमृतकाल की यात्रा के साथ हम अपनी स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेंगे। हम सब मिलकर इस पूरे को देश के लिए और अब इस संकल्प की सिद्धि के लिए पंचप्राण को अपनाते हुए हमें आगे बढ़ना है। ये पांच सिद्धांत हमारे भारतवर्ष को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

ये है पंच प्राण

विकसित भारत का विराट संकल्प

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति

अपनी विरासत पर गर्व

एकजुटता को सुदृढ़ रखना

कर्तव्य निर्वहन को प्राथमिकता

Posted By: Yogeshwar Sharma

छत्तीसगढ़
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