बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि।Political News Bilaspur: विधायक बृहस्पत सिंह और पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच ताजा विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष संतकुमार नेताम ने कहा कि विधायक बृहस्पत सिंह ने माफी मांगकर समाज का अपमान किया है। आदिवासी समाज अपने आपको अपमानित महसूस कर रहा है। दो दिनों से समाज प्रमुखों के अलावा परिषद से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी लगातार फोन कर विरोध दर्ज करा रहे हैं। परिषद के प्रदेशाध्यक्ष नेताम ने कहा कि देश में लोकतंत्र है। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और बोलने का अधिकार है। सभी को समान अधिकार प्राप्त है। देश में लोकशाही है राजशाही का खात्मा कब का हो चुका है।

ऐसे में अगर विधायक ने अपने हमले की शिकायत थाने में की और हमलावरों की जानकारी बेबाकी के साथ दी तो गलत कहां है। नेताम ने कहा कि घटना के बाद मैंने विधायक को उनके मोबाइल नंबर पर काल कर चर्चा करनी चाही। उन्होंने काल रिसीव नहीं किया।

वाट्सएप के जरिए मैसेज भी किया। उनके समर्थन में समाज के आगे आने की बात कही और आत्मबल व आत्म सम्मान बढ़ाने की बात भी कही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में जब सबको अपनी बात बेबाकी के साथ रखने की आजादी है तब विधायक की बात को क्यों दबाया गया समझ से परे है। सदन से लेकर पार्टी स्तर तक दबाव की राजनीति खेली गई।

आदिवासी विधायक पर दबाव डालकर सदन से लेकर पार्टी स्तर और मंत्री से माफी मंगाने मजबूर किया गया। बृहस्पत को माफी नहीं मांगनी थी। समाज के बीच आना था। समाज तय करता कि समाज के आत्म सम्मान की रक्षा के लिए हमें क्या करना है। तब विधायक की सुरक्षा से लेकर सम्मान की रक्षा की जिम्मेदारी समाज की हो जाती।

विधायक व नेताम के बीच गुफ्तगू

आदिवासी विकास परिषद के प्रदेशाध्यक्ष नेताम ने नईदुनिया से चर्चा करते हुए बताया कि शनिवार को बृहस्पत सिंह का फोन आया था। बात हुई है। जल्द उनकी मुलाकात होगी। आपसी चर्चा के दौरान बातें भी खुलकर सामने आएगी। प्रदेशाध्यक्ष नेताम का साफ कहना है कि इस मामले को लेकर हम शांत बैठने वाले नहीं हंै। समाज के बीच रखा जाएगा। आदिवासी समाज के सम्मान और स्वाभिमान की बात है।

Posted By: anil.kurrey

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