बिलासपुर। आरक्षण के मुद्दे पर बिलासपुर में अब राजनीति गरमाने लगी है। अनुसूचित जाति,जनजाति व ओबीसी वर्ग को लेकर जिस तरह राज्य सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश आरक्षण के जरिए की जा रही है इसे लेकर अब माहौल गरमाने लगा है। सामान्य वर्ग से ताल्लुक रखने वाले समाज के प्रमुखों और युवाओं ने राज्य सरकार के इस निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को विरोध स्वरूप सामान्य वर्ग के पदाधिकारी और प्रमुख लोग विवेकानंद उद्यान में इकट्ठा हुए और आरक्षण के विरोध में सामान्य वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कैंडल मार्च निकाला।

खास बात यह कि इस में युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रही। सामान्य वर्ग के पदाधिकारी व युवाओं का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ लेने की गरज से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अवहेलना की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 50 फीसद आरक्षण लागू करने की मांग राज्य सरकार से की है।

राज्य सरकार ने आरक्षण विधेयक लाकर छत्तीसगढ़ में आरक्षण 73 फीसद कर दिया है इसे लेकर अब सामान्य वर्ग के युवाओं में गुस्सा फूटने लगा है। आगे की प्रभावी कार्रवाई करने और राज्य सरकार के इस निर्णय का विरोध करने के लिए रविवार को विवेकानंद उद्यान में सामान्य वर्ग के युवा व प्रमुखों की बैठक हुई। इसमें बड़ी संख्या में युवकों की भागीदारी रही।

तकरीबन आधे घंटे चले इस बैठक के बाद युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा और राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ तत्काल है कैंडल मार्च निकालने का निर्णय ले लिया। विवेकानंद उद्यान से युवा व समाज के पदाधिकारी हाथ में कैंडल लिए राज्य सरकार के आरक्षण के फैसले का विरोध करते हुए नेहरू चौक की तरफ पैदल कूच किया। नेहरू चौक में कैंडल जलाकर राज्य सरकार के फैसले का विरोध किया और नेहरू की प्रतिमा के सामने खड़े होकर कांग्रेस शासित राज्य सरकार के प्रमुखों को सद्बुद्धि देने की गुहार भी लगाई।

चुप नहीं बैठेंगे करेंगे विरोध

कैंडल मार्च के बाद युवाओं ने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ वह चुप रहने वाले नहीं हैं धरना प्रदर्शन के अलावा जन जागरण अभियान चलाने और लोगों को सरकार के इस फैसले के खिलाफ एकजुट करने की बात भी कही। युवाओं ने कानूनी लड़ाई लड़ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका के दायर कर अपनी बात हाई कोर्ट के सामने रखने और सरकार के फैसले पर रोक लगाने की मांग करने की बात कही।

युवाओ का कहना है

कि सामाजिक समरसता बनी रहे, सरकार को ऐसा निर्णय लेना चाहिए। विरोध-प्रदर्शन में अग्रवाल समाज, ब्राम्हण समाज, क्षत्रिय समाज, सिन्धी समाज, जैन समाज, मुस्लिम समाज, सिख समाज एवं अन्य समाज के लोग शामिल हुए।

अनुसूचित जाति वर्ग का फूट रहा गुस्सा

आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था को लेकर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों का भी गुस्सा फूट रहा है। है। राज्य शासन ने अनुसूचित जाति का आरक्षण 16 से घटा कर 13 फीसद कर दिया है, जिसे लेकर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने विरोध दर्ज कराया है। बहुजन समाज पार्टी ने भी आरक्षण का विरोध करना शुरू कर दिया है।

आरक्षण एक नजर में

अनुसूचित जनजाति वर्ग- 32 प्रतिशत

अनुसूचित जाति वर्ग-13 प्रतिशत

ओबीसी वर्ग,- 27 प्रतिशत

सामान्य वर्ग के गरीब- चार प्रतिशत

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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