बिलासपुर। बिलासपुर सेंट्रल जेल में आबकारी एक्ट के आरोपित युवक की मौत के मामले में यादव समाज ने मंगलवार को कलेक्टर डा. सारांश मित्तर को ज्ञापन सौंपा और आबकारी विभाग के मस्तूरी बीट के इंस्पेक्टर समेत स्टाफ और जेल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। दूसरी और आबकारी आयुक्त ने छोटेलाल के साथ मारपीट करने से इन्कार किया है।

यादव समाज के संरक्षक व पूर्व पिछड़ावर्ग आयोग के अध्यक्ष सोमनाथ यादव ने बताया कि पचपेड़ी थाना क्षेत्र के चिल्हाटी निवासी छोटेलाल यादव पिता चनूराम यादव 33 साल को आबकारी विभाग के आनंदकुमार वर्मा और करीब 15 सिपाही 10 मई को बेवजह घर में मारपीट की और उसे जबरदस्ती उठाकर अपने साथ बिलासपुर ले गए। यहां 20 लीटर कच्ची शराब जुगाड़ कर उसके खिलाफ झूठा केस बनाया और जेल भेज दिया। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि उसके घर से एक बूंद भी शराब बरामद नहीं हुई थी।

15 मई को हालत खराब होने पर जेल से उसे सिम्स रेफर किया गया। वहां डाक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छोटेलाल यादव के शव के पोस्टमार्टम के पहले स्वजनों ने उसके शरीर की तस्वीरें ली हैं। इसके अनुसार उसके शरीर के हर अंग को डंडे से बेरहमी से पीटा गया है। शरीर में ऐसा कोई स्थान नहीं बचा है। जहां मारपीट से चोट के निशान न हो।

स्वजनों ने देखा कि घर से छोटेलाल को ले गए। उस समय लाल रंग का शर्ट पहना था जो पोस्टमार्टम के समय उसके शरीर में नहीं था। मारपीट से ही उसकी जान गई है। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा छत्तीसगढ़ व बिलासपुर जिला यादव समाज ने प्रशासन से अपील की है कि आबकारी विभाग के आरोपित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

आबकारी आयुक्त का इन्कार

आबकारी विभाग की आयुक्त नीतू नोतानी ने कहा कि हमारे स्टाफ ने मारपीट नहीं की है। जेल भेजने से पहले मेडिकल जांच कराई गई थी। कोर्ट में स्वजनों ने उससे मुलाकात की थी। उस वक्त मारपीट की बात सामने नहीं आई थी। जेल में क्या हुआ और कैसे मौत हुई। इस बारे में मैं कुछ नहीं बोलूंगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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