बिलासपुर। छात्रहित के साथ प्रोफेसर अब युवाओं के भविष्य निर्माण में सेतु का काम करेंगे। कालेज और विश्वविद्यालय के अकादमिक शिक्षण विभाग में पढ़ने वाले छात्र—छात्राओं को रोजगार से जोड़ने व साक्षात्कार के तरीके बताएंगे। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ ने प्राध्यापकों के लिए प्रशिक्षण भी चालू कर दिया है।

अटल विवि में दस दिवसीय ग्लोबल बिजनेस फाउंडेशन स्किल विषय पर इन दिनों प्र​शिक्षण आयोजित है। इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देने उपरांत छात्रों को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार हेतु तैयार करना है| दरसल छात्र पढ़ाई करने के बाद रोजगार की तलाश में भटकते हैं इसी गेप को पाटने का प्रयास किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में प्रशिक्षण पाने वाले शिक्षकों को अपने ही महाविद्यालय के 100 छात्रों को प्रशिक्षित करना होगा| सोमवार को हुए कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य एडीएन वाजपेयी कुलसचिव डा.सुधीर शर्मा, डा.एचएस होता अधिष्ठाता छात्र कल्याण, शालिनी जयकृष्णन हेड कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी एवं डायवर्सिटी इंफोसिस बीपीएम लिमिटेड, शैली कंबोज एवं गोविंद इंफोसिस बीपीएम लिमिटेड उपस्थित थे।

शैली कंबोज के द्वारा कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण दिया गया। शालिनी जयकृष्णन हेड सीएसआर एवं डायवर्सिटी इंफोसिस बीपीएम लिमिटेड ने कार्यक्रम की उपयोगिता के बारे में बताया उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में बहुत सारी नौकरी है परंतु छात्रों में उस स्तर के स्किल नहीं है। इस गैप का भरा जाना बहुत आवश्यक है जिसके लिए इंफोसिस बीपीएम द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ताकि वे अपने छात्रों को प्रशिक्षित कर सके एवं उन्हें रोजगार के लिए तैयार कर सकें।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.शर्मा ने इस कार्यक्रम को करने के लिए विश्वविद्यालय की कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ को धन्यवाद दिया एवं कहा कि यह कार्यक्रम अवश्य ही हमारे शिक्षकों एवं छात्रों के लिए उपयोगी रहेगा। कुलपति प्रो.वाजपेयी कहा कि यह कार्यक्रम अवश्य ही विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं छात्रों के लिए उपयोगी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम हमारे छत्तीसगढ़ के छात्रों एवं शिक्षकों के अनुरूप होना चाहिए,

जिससे वो आसानी से इसे समझ सके कहा कि ऐसे कार्यक्रम हिंदी व क्षेत्रीय भाषाओं में भी किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में डा.होता सहित समन्वयक डा. रश्मि गुप्ता डा. पूजा पांडेय,जितेंद्र कुमार, हामिद अब्दुल्ला उपस्थित थे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के 42 शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं।

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