बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।Rail News in Bilaspur: सुविधाविहिन स्टेशनों में तबादले को लेकर गार्ड स्वजनों के साथ सड़क पर उतर आए हैं। सुबह 11 बजे से डीआरएम कार्यालय के सामने धरना- प्रदर्शन कर आदेश वापस लेने के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसके अलावा चार और मांगें है, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। इस विरोध को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शाम चार बजे के बाद प्रतिनिधि मंडल डीआरएम को ज्ञापन सौंपेगा।

आल इंडिया गार्ड काउंसिल के नेतृत्व में आयोजित इस धरना में शामिल होने के लिए सुबह से ही गार्ड स्वजनों के साथ धरना स्थल पर पहुंचने लगे। स्वजनों में महिलाओं के अलावा बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल है। शाम चार बजे तक रेल प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ धरना जारी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों का कहना था कि रेल प्रशासन गलत आदेश जारी कर कर्मचारियों को परेशान कर रहा है। पिछले कुछ समय से कोरोना की आड़ में सभी रनिंग स्टाफ को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

जबकि यही गार्ड देशभर में कोरोना वारियस बनकर देश की सेवा की। जमकर नारेबाजी भी हुई। उनका कहना था कि खोंगसरा में गार्ड का तबादला किया गया है, जहां आवास, चिकित्सा, स्कूल समेत कई तरह की सुविधाएं नहीं है। इस स्थिति में भला गार्ड स्वजनों के साथ कैसे रहेंगे।

इसी तरह ड्यूटी के दौरान गार्ड को खुद बाक्स उठाकर गार्ड केबिन में चढ़ाना और उतारना पड़ा है। जबकि पहले इसके रेलवे ने कर्मचारियों की व्यवस्था की थी। सुविधा छीनकर रेलवे जानबुझकर समस्या बढ़ा रही है। धरना के दौरान काउंसिल के केंद्रीय कोषाध्यक्ष डी विस्वास, एपी अशोक, एके दीक्षित, रजनी पटेल, डीएन रवि, मृत्युंजय कुमार, डीके अवस्थी, संजय सिंह, तापस सेन आदि शामिल थे। इस धरना का समर्थन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर कांग्रेस, श्रमिक यूनियन, मजदूर संघ ओबीसी यूनियन के पदाधिकारियों ने भी दिया।

ये भी हैं प्रमुख मांगें

- रेलवे बोर्ड के दिशा- निर्देशों के अनुसार लंबे समय तक ड्यूटी बंद की जाए।

- ब्रेक वेन की जर्जर स्थिति सुधारी जाए।

- पूर्व में खरसिया व ब्रजरानगर में किए तबादला आदेश तत्काल वापल लिया जाए।

Posted By: anil.kurrey

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