बिलासपुर। बिलासपुर से नई दिल्ली तक चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में कॉकरोच व चूहों का आतंक है। इस ट्रेन में गुरुवार को एक यात्री के शरीर में कॉकरोच चलता नजर आया। इस ट्रेन की सफाई भी ठीक से नहीं होती है। ज्यादातर कोच की बर्थ के नीचे गंदगी पसरी हुई थी। ट्रेन की ऐसी हालात रेलवे की व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। रेलवे में कुछ ट्रेनों को वीआइपी कहा जाता है। यही वजह है कि उनकी बेहतर मॉनिटरिंग के साथ- साथ परिचालन को लेकर अधिकारी से लेकर मैदानी अमला गंभीर रहता है। राजधानी एक्सप्रेस की रेलवे बोर्ड से मानिटरिंग होती है। इतने तामझाम और पुख्ता इंतजाम के दावों के बावजूद यह ट्रेन यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है।

गुरुवार को ए-1 कोच की हालत कुछ इसी तरह थी। एक कॉकरोच यात्री के शरीर पर चलता नजर आया। चूंकि उस समय ट्रेन प्लेटफार्म में खड़ी थी। इसलिए कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। केवल पेंट्रीकार के कर्मचारी खाना, रेलनीर आदि चढ़ाते हुए नजर आए। यात्री कॉकरोच को देखकर नाराज हुआ।

इतना ही नहीं इस कोच में चूहे के मरने की बदबू भी आ रही थी। उसी समय एक कमचारी स्प्रे लेकर आया और कोच के कोने- कोने पर छिड़काव करने लगा। उसने कहा कि इस ट्रेन में कॉकरोच के अलावा चूहे रहते हैं। यह कहां से आते हैं इस पर जबाव नहीं दे सका। केवल इतनी बात कही कि बिलासपुर व दिल्ली में इसका मेंटनेंस होता है। कोचिंग डिपो में रैक काफी देर खड़ी रहती है। उसी बीच में हो सकता है कि ये चूहे और कॉकरोच आते होंगे।

कोच के अंदर सफाई भी बेहतर नहीं थी। सीट के नीचे हिस्से में गंदगी पसरी हुई थी। इस कोच के अलावा आजू- बाजू के कोच में यही आलम था। देश की राजधानी तक चलने वाली इतनी महत्वपूर्ण ट्रेन के बावजूद मेंटेनेंस की स्थिति बेहद दयनीय है। लेकिन रेलवे के अफसरों को जायजा तक लेने की फुर्सत नहीं है।

राजधानी एक्सप्रेस के ज्यादातर कोच की अलग- अलग बर्थ की सीट फटी हुई थी। कुछ को सिलाई कर ढंक दिया गया था। एक तरह से यात्रियों को रेलवे ठग रही है। क्योंकि अन्य ट्रेनों की अपेक्षा इसका किराया भी अधिक है। यात्री बेहतर परिचालन व व्यवस्था के कारण सफर के लिए इस ट्रेन को चुनते हैं।

अब प्लेटफार्म एक से छूटेगी

राजधानी एक्सप्रेस गुरुवार को प्लेटफार्म एक से रवाना हुई। इसे लेकर यात्रियों में चर्चा भी रही कि आखिर ऐसी क्या वजह है जिसके कारण प्लेटफार्म बदलनी पड़ी। पहले यह प्लेटफार्म छह से छूटती थी।

कॉकरोच या चूहे या फिर गंदगी को लेकर किसी यात्री ने शिकायत नहीं की है। फिर भी यदि इस तरह की अव्यवस्था है तो उसे ठीक कराने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा रेलवे की नजर में सर्वोपरि है।

-साकेत रंजन, सीपीआरओ- दपूमरे जोन बिलासपुर.

Posted By: Anandram Sahu

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