बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों रेल मंडल के बीच डेटा हस्तांतरण की जरूरत को आतंरिक रूप से पूरी करने के लिए एक नई व्यवस्था ईजाद की गई है। कर्मचारियों की कमी को दूर करते हुए जोन ने शेयर फोल्डर की अवधारणा को अपनाया है। इसके कारण कुछ सेकंड में ही आंतरिक रूप से तीनो मंडल बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर के सभी कार्यालयों, यहां तक कि एक- एक कर्मचारी के टेबल को शेयर फोल्डर प्रणाली से जोड़कर डेटा हस्तांतरण आसान एवं प्रमाणिक बनाया गया है। यही नहीं प्रणाली द्वारा अधिकारी एवं कर्मचारी घर पर बैठकर भी अवकाश के दिनों में अपना काम पूरा कर रहे हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यह सुविधा अपने सभी तीनों रेल मंडलों तक विस्तारित की है । हालांकि रेलनेट पूरे भारतीय रेलवे के लिए एक सामान्य नेटवर्क है। लेकिन यहां शेयर फोल्डर को विकसित कर और ज्यादा अभिनव तरीके से इस सुविधा का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रणाली के अंतर्गत सभी विभागों के प्रमुख और उनके अधीनस्थ अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा अपने विभागों से जुड़ी सूचनाओं को फोन के केंद्रीय सर्वर में रखे गए अलग - अलग फोल्डर्स में रखा जाता है ताकि नेटवर्क के सभी उपयोगकर्ताओं द्वारा पहुंचा जा सके। सभी क्षेत्रीय और विभागीय प्रमुखों को जानकारी नियमित दूसरों के द्वारा प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाता है। इस प्रणाली के द्वारा अन्य रेलवे जोन एवं मंत्रालय से भी डेटा का अदान - प्रदान आसानी से हो जाता है। साझा फोल्डरों का निर्धारण कई मापदंडों पर किया गया है। इसमें प्रस्तुति, गुणवत्ता की जानकारी, उपयोगिता आदि शामिल हैं। सभी अपने विभागों से संबंधित प्रासंगिक जानकारी के उपयोगी डेटा की पहचान कर दूसरों के साथ साझा करने के लिए एक निर्धारित फोल्डर में रख दिया जाता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में साझा किए गए डेटा और सूचना की एक विस्तृत श्रृंखला का विशाल भंडार है। इसमें मैनुअल, दिशा- निर्देश, परिपत्र, तकनीकी विनिर्देश, प्रदर्शन बयान, मिशन क्षेत्र, कार्यक्रम, हेरिटेज शामिल हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network