बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जोनल स्टेशन में यात्रियों को सचेत व जागरूक करने के लिए रेल प्रशासन ने स्टेशन के प्रमुख हिस्सों में बोर्ड लगा दिए हैं। इस कमी को 'नईदुनिया' ने 20 दिन पहले हुई घटना के बाद उजागर किया था। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते चलती ट्रेन में न चढ़ने की अपील करते अलग- अलग स्लोगन के आठ बोर्ड लगाए हैं। इन्हें ऐसी जगहों पर लगाया गया है, जहां यात्रियों की सीधी नजर पड़े।

' नईदुनिया' ने 28 जून को 'मौत के मुंह पहुंचकर मां और बच्चे को मिली जिंदगी' शीर्षक पर आधारित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। एक महिला अपने बच्चे के साथ चलती गेवरारोड-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश में गिर गई। इस घटना में दोनों की जान बाल-बाल बच गई। लेकिन बच्चे के सिर पर गंभीर चोट आई। चलती ट्रेन में चढ़ने की ऐसी कोशिश यात्री रोज करते हैं। इस तरह की गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। फिर भी ए-1 श्रेणी के इस स्टेशन के किसी भी प्लेटफार्म यह बोर्ड नहीं लिखा है कि यात्री चलती ट्रेन में न चढ़ें। इससे खतरा हो सकता है। इस खबर के बाद रेलवे ने भी कमी को महसूस किया और जागरूकता के लिए आठ बोर्ड तैयार किए। सभी अलग- अलग स्लोगन है। सार यही है कि यात्री चलती ट्रेन में बिल्कुन न चढ़ें। इससे जिंदगी को खतरा हो सकता है। एक साथ चार बोर्ड हावड़ा एंड के एफओबी, दो नागपुर एंड के एफओबी में और दो बोर्ड गेट क्रमांक लगाए गए हैं। प्रवेश के साथ यात्रियों की नजर इस पर पड़ेगी।

और भी जगहों पर लगाए जाएंगे

अभी इस तरह के बोर्ड की तत्काल आवश्यकता थी। इसलिए रेलवे ने आठ ही तैयार कराए हैं। लेकिन आगामी दिनों में कुछ और बोर्ड तैयार किए जाएंगे। इन्हें स्टेशन के कुछ प्रमुख स्टेशनों में लगाने की योजना है। इसके साथ- साथ अन्य मामलों के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। इसके लिए बोर्ड लगेंगे।