बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।Railway News Bilaspur: कोरबा- अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का सफर बुधवार से आरामदायकव सुरक्षित हो गया है। बिलासपुर रेल मंडल की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली इस ट्रेन LHB COACH के साथ चलाई गई है। पहला दिन होने के कारण थोड़ी यात्रियों को थोड़ी परेशानी हुई है। पर बाद में वह दूर हो गई। रेलवे जल्द एक और रैक तैयार कर रही है। इसके बाद दो रैक एलएचबी के हो जाएंगे। केवल एक रैक ही पुराने कोच वाली रहेगी।

रेलवे की योजना है कि पुराने कोच (नीले रंग) की जगह पर ट्रेनों को एलएचबी कोच चलानी है। इस पर धीरे- धीरे काम भी होने लगा है। रेल प्रशासन छत्तीसगढ़ को इस रैक से चलाने काफी दिनों से प्रयास कर रहा था। लेकिन कोच की अनुपलब्धता की वजह से सुविधा में देरी हो रही थी। हालांकि अब परेशानी नहीं होगी।

यह ट्रेन बिलासपुर रेल मंडल की सबसे महत्वपूर्ण व लंबी दूरी की ट्रेन है। यह ट्रेन प्रारंभिक स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक सफर तीन दिन में पूरा करती है। कोरोना के पहले यह सातों दिन चलती थी। पर वर्तमान में स्पेशल बनाकर इसे सप्ताह में तीन दिन चलाई जा रही है। इसलिए अभी केवल तीन रैक की आवश्यकता पड़ता है। पर जैसे स्पेशल से नियमित हो जाएगी रेलवे को पांच रैक की आवश्यकता पड़ेगी।

रेलवे चाह रही है कि जितनी अधिक हो कोच उपलब्ध हो जाए। रैक तैयार कर ली जाएगी। फिलहाल एक रैक को तैयार करने का काम कोचिंग डिपो में चल रहा है। बुधवार को पहले दिन यह ट्रेन एलएचबी कोच के साथ रवाना हुई। इससे यात्रियों के बीच थोड़ी भ्रम की स्थिति थी। दरअसल पुराने कोच का रंग नीला होता है। जबकि एलएचबी कोच लाल होता है।

इसलिए यात्रियों ने पहले अच्छे से जानकारी ली। उसके बाद ट्रेन में चढ़े। इस कोच की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बेटपटरी या दुर्घटना की स्थिति कोच अलग-थलग नहीं होते। मालूम हो कि LHB के स्लीपर कोच में 80 बर्थ होती है। पुराने कोच में यह संख्या 72 होती है। इसी तरह एसी - 2 कोच में 52 और एसी-3 में 64 सीटें होती है।

Posted By: anil.kurrey

NaiDunia Local
NaiDunia Local