बिलासपुर। Railway News: रेलवे की लापरवाही के चलते 368 कर्मचारियों को अप्रैल में मिलने वाला मार्च का वेतन नहीं मिल सका। कर्मचारी इसके लिए भटक रहे हैं। श्रमिक यूनियन ने इसके लिए वित्तीय विभाग व बैंक को जिम्मेदार ठहराया है। दरअसल यह परेशानी बैंकों के विलय और आइएफएससी कोड बदलने के कारण यह दिक्कत आई है। यदि संबंधित विभाग समय रहते इसे दूर कर लेता तो इस तरह कर्मचारियों को वेतन के लिए नहीं भटकना पड़ता।

परेशान कुछ कर्मचारियों ने इस समस्या से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्रमिक यूनियन को अवगत कराया। यूनियन के संज्ञान में आते ही जब पदाधिकारियों ने वजह खंगाली तब पता चला कि बैंकों के विलय के कारण यह समस्या सामने आई है। ऐसे रेल कर्मचारी जिनका बैंक खाते ओरियंट बैंक ऑफ कामर्स, ओबीसी यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया, यूबीआइ आंध्र बैंक, कार्पाेरेशन बैंक समेत 10 अन्य बैंकों में हैं उन बैंकों के आइएफएससी कोड बदल गए हैं।

इसकी वजह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। यूनियन के मंडल संयोजक सी नवीन कुमार का कहना है कि 10 बैंकों के विलय कर चार बैंक बनाने की अधिसूचना आरबीआइ ने पहले ही जारी कर दी थी। रेल प्रशासन के वित्तीय विभाग एवं कार्मिक विभाग को इसकी जानकारी थी। इसके बाद भी उन्होंने कोड को लेकर आने वाली इस दिक्कत को समय रहते दूर नहीं किया।

कोरोना के कारण आई संकट की इस स्थिति में भी जान जोखिम में डालकर कड़ी मेहनत करने वाले कर्मचारी वेतन नहीं मिलने से परेशान है। नियमानुसार एक अप्रैल को भुगतान होना था। इसके कारण कर्मचारियों को बच्चों का शैक्षणिक शुल्क स्कूलों में जमा नहीं कर पाए हैं। राशन की समस्या भी आ रही है। प्रशासन एवं बैंक की लापरवाही से वेतन का भुगतान रुक गया। यूनियन की ओर से वित्तीय प्रबंधक एवं कार्मिक विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द भुगतान करने की मांग की।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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