Railway News: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन को एक वंदे भारत ट्रेन मिल गई है। इसके साथ रूट भी तय हो गया। यह ट्रेन बिलासपुर से नागपुर के बीच चलेगी। रेलवे बोर्ड से इसकी स्वीकृति मिल गई है। हरी झंडी मिलने के साथ ही जोन व मंडल के रेल अफसरों के निरीक्षण का सिलसिला शुरू हो गया। गुरुवार को परिचालन, मैकेनिकल, विद्युत, कमर्शियल विभाग के अधिकारी कोचिंग डिपो का जायजा लेते रहे। अभी कोचिंग डिपो की मरम्मत होगी। बाद में इसके लिए अलग व्यवस्था की जाएगी।

केंद्रीय बजट में अगले तीन साल में नई पीढ़ी की 400 वंदे भारत ट्रेनें चलाने की घोषणा की गई थी। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन की सौगात जोन को मिलने के अब तक केवल संकेत मिल रहे थे। अब रेलवे बोर्ड ने स्वीकृति दे दी है। हालांकि अभी अधिकारी इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से बच रहे हैं। निरीक्षण को पहंुचे अधिकारियों की टीम के बीच इसे लेकर चर्चा भी होती रही।

बोर्ड ने पहले ही कहा है कि बिलासपुर में इस ट्रेन की दो रैक की मरम्मत करने के लिए उचित स्थान चिंहित की जाएगी। हालांकि इसमें कुछ समय लगेगा। उससे पहले कोचिंग डिपो में ही मरम्मत का कार्य होगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारी यह व्यवस्था करने में जुटे रहे है की परीक्षण के लिए वंदे भारत ट्रेन डिपो के अंदर कैसे पहुंचेगी। बिना लोकोमोटिव इंजन के ट्रैक पर दौड़ने वाली इस ट्रेन की मरम्मत के लिए अलग सेटअप तैयार होगा।

इसके तैयार होने से पहले कोचिंग डिपो में ही मरम्मत की व्यवस्था की जाएगी। पिछले दिनों अधिकारियों की एक टीम ने कोचिंग डिपो के सामने के हिस्से का जायजा लिया। इसके बाद पीछे की जगह का निरीक्षण किया। संभवत नया डिपो यही बनेगा। इसके लिए तैयारी भी चल रही है। मालूम हो की यह ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इसके परिचालन से रेल सेवा बेहतर होगी।

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वंदे भारत ट्रेन की यह है विशेषता

- ट्रेन की क्षमता 1,128 यात्रियों की

- देश में ही विकसित किया गया है

- जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली

- ट्रेन की सीटें आरामदायक हैं

- आटोमेटिक स्लाइडिंग डोर

- सीसीटीवी कैमरे

130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए ट्रैक तैयार

इस ट्रेन को चलाने के लिए नागपुर से बिलासपुर के बीच का चयन इसलिए किया गया है, क्योंकि इन दोनों स्टेशनों के बीच ट्रैक पर 130 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेन चल सकती है। पिछले कुछ सालों से इस पर रेलवे काम भी कर रही थी। नागपुर से दुर्ग के बीच इस गति से ट्रेन चलाने की सेफ्टी कमिश्नर से स्वीकृति भी मिल चुकी है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन तक ट्रैक को इस गति से चलाने के लायक तैयार कर लिया गया है। लेकिन अभी सेफ्टी कमिश्नर का निरीक्षण नहीं हुआ। इसके लिए जोन जल्द पत्राचार करेगा। कमिश्नर की हरी झंडी मिलने के बाद नागपुर से बिलासपुर तक 130 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेन चल सकेगी। वंदेभारत भी करीब 130 किमी की रफ्तार से चलती है।

प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा दिल्ली, रैक भी वहीं आएगी

वंदे भारत ट्रेन चलाने के लिए मैकेनिकल व एसी विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए दिल्ली भेजा जाएगा। पहले चरण में मैकेनिकल के छह और इतनी ही संख्या में एसी विभाग के कर्मचारियों को भेजा जाएगा। इसके साथ ही इस ट्रेन को चलाने वाले चालकों को भी विशेष प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है। जोन में इन सभी को लेकर जोरदार तैयारी चल रही है। जानकारी यह भी मिली है कि वंदे भारत ट्रेन की रैक दिल्ली से मिलेगी। जिसे लेने के लिए यहां से एक टीम जाएगी।

Posted By: Abrak Akrosh

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