बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना में रद्दोबदल के बाद राज्य शासन ने एक और बड़े बदलाव की ओर कदम उठा दिया है। प्रदेशभर में संचालित राशन दुकानों की व्यवस्था जल्द बदली नजर आएगी । महिला स्व सहायता समूह के बजाय समितियों के हाथों में राशन दुकान देने की तैयारी चल रही है।

राशन कार्ड के नवीनीकरण के बाद जल्द ही बीपीएल राशन कार्डधारकों के हाथों में अब नया राशन कार्ड आने वाला है। इसकी तैयारी शासन स्तर पर पूरी हो गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के नए सॉफ्टवेयर में हितग्राहियों के नाम सहित राशन की मात्रा फीड करने का काम तकरीबन अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसके बाद राशन दुकानदारों के टैब में सॉफ्टवेयर अपलोड करने का काम किया जाएगा। नया राशन कार्ड जारी करने के साथ ही राज्य शासन ने खाद्यान्न योजना में एक और बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। जिला पंजीयक सहकारी संस्थाओं को पत्र लिखकर खाद्यान्न वितरण के लिए समितियों का पंजीयन करने का फरमान जारी किया है। जिला प्रशासन के एक आला अफसर के अनुसार तो जिला पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा पंजीकृत की जाने वाली समितियों को खाद्यान्न वितरण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी । सत्ताधारी दल कांग्रेस के दिग्गजों को इस बात की नाराजगी है कि लोकसभा चुनाव के दौरान राशन दुकानों के जरिए खाद्यान्न आपूर्ति ठप होने की अफवाह प्रदेशभर में तेजी के साथ फैलाई गई थी। इस अफवाह का असर भी उसी अंदाज में हुआ । बीपीएल हितग्राही सहित इसी आय वर्ग से जुड़े लोगों ने कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में साथ नहीं दिया था। तब से ही कांग्रेसी रणनीतिकार यह ठान कर बैठे हैं कि डेढ़ दशक से भी अधिक समय से राशन दुकानों पर कब्जा जमाए बैठे भाजपाइयों व भाजपा समर्थित स्व सहायता समूहों की छुट्टी कर दी जाए । इनके हाथों से राशन दुकानों का संचालन छीनकर नई बनने वाली समितियों को देने का निर्णय लिया गया है।

पहली मीटिंग में उठा था मामला

राज्य की सत्ता पर काबिज होने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पहली बैठक हुई थी। पहली मीटिंग में ही प्रदेशभर के दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने राशन दुकानों के संचालन का मुद्दा उठाया था। साथ ही सत्ता से जुड़े दिग्गजों के बीच राशन दुकानों का संचालन भाजपाई हाथों से छीनने दबाव भी बनाया था। तभी से ही यह माना जा रहा था कि राज्य सरकार कभी भी राशन दुकान संचालन की व्यवस्था में बदलाव कर सकती है।

पहले ऐसी थी व्यवस्था

पूर्ववर्ती भाजपा शासनकाल के दौरान पंजीयक फर्म सोसायटी द्वारा पंजीकृत महिला स्व सहायता समूहों को राशन दुकानों के संचालन का अधिकार दिया गया था। अब इस व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। पंजीयक फर्म सोसायटी की जगह जिला पंजीयक सहकारी समिति एवं संस्थाएं द्वारा पंजीकृत समितियों को दुकान आवंटन का निर्णय लिया गया है।

राशन कार्डों के नवीनीकरण के साथ ही अब डॉटा अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। शासन स्तर पर सहकारी समिति को निर्देश दिए गए हैं। आगे की प्रक्रिया क्या होगी । इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

डी प्रसाद-फूड कंट्रोलर

Posted By: Nai Dunia News Network

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