बिलासपुर। Rath Yatra 2021: स्नान पूर्णिमा में नहाने के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ गए थे। इसके बाद एकांतवास में स्वास्थ्य लाभ के दौरान आंखें बंद कर वे उल्टे सोए हुए थे। आज 12 जुलाई को वे भक्तों को दर्शन देंगे। एकांतवास के दौरान मंदिर का ना घंटा बजा और न गृर्भगृह का पट खुले। जिस तरह एक बीमार व्यक्ति को जल्दी स्वस्थ करने औषधि दी जाती है ठीक उसी तरह भगवान को इन दिनों काढ़ा पिलाया जा गया। 10 जुलाई को उनके स्वास्थ में सुधार हुआ और उन्होंने नेत्र खोले, उस दिन नेत्र उत्सव मनाया गया। 11 जुलाई से उन्होंने भक्तों को दर्शन दिए और आज गुंडिचा यात्रा (रथयात्रा) निकाली जाएगी।

नहीं बताई जाती काढ़ा बनाने की विधि

भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ करने के लिए जो भी उपाय किए जाते हैं वह एकदम गुप्त रखे जाते हैं। इस दौरान काढ़ा बनाने की विधि तक किसी को नहीं बताया जाता। रथयात्रा के बाद भगवान अपनी मौसी के घर रहेंगे। नवमें दिन बहुड़ा यात्रा होगी। अर्थात भगवान वापस अपने मंदिर पहुंचेंगे। कोरोना महामारी के कारण इस बार रथ में शहर भ्रमण नहीं होगा। परंपरा का निवर्हन करते हुए केवल औपचारिकता पूरी की जाएगी।

बारिश के दिनों में रखें अपना ध्यान

भगवान जगन्नाथ बारिश में नहाने के बाद बीमार पड़ गए। यह परंपरा हमें सिखाती है कि हमें बारिश के दिनों में अपना ख्याल रखना चाहिए। जब भगवान बीमार पड़ सकते हैं तो इंसान क्यों नहीं। 15 दिनों तक घर में रहकर हमें स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। औषधि का महत्व और शरीर की देखभाल के लिए एकांतवास जरूरी है।

Posted By: anil.kurrey

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