बिलासपुर। हावड़ा- अहमदाबाद एक्सप्रेस में आरपीएफ द्वारा एक नई तरह की मदद की गई। दरअसल ट्रेन में एक बुजुर्ग महिला यात्री कर रही थी। स्वजन लगातार उनसे संपर्क में भी थे। इसी बीच फोन लगाना बंद हो गया। इससे स्वजन परेशान हो गए और सीधे रेल मदद एप से सहयोग मांगा। इस पर ट्रेन बिलासपुर पहुंचने के बाद आरपीएफ ने स्वजनों से महिला यात्री की बताई कराई। साथ ही सुरक्षित होने की जानकारी दी। यह भी बताया गया कि नेटवर्क समस्या आने के कारण काल नहीं लग रहा था।

रेल मदद एप से यात्रियों को लगातार सहयोग मिल रहा है। कभी सामान छूटने पर तो कभी कुछ समस्या आने पर मदद मांगी जाती है। यह पहली बार है, जब स्वजनों को ट्रेन में सफर रही यात्री से बात कराकर उनके सुरक्षित होने की जानकारी दी गई। इस ट्रेन के एस -9 कोच की बर्थ संख्या 57 में पश्चिम बंगाला निवासी 56 वर्षीय मंजू दुजारी हावड़ा से सूरत के लिए सफर कर रहीं थी। वह अकेली थी, इसलिए स्वजन उनसे संपर्क में थे। बीच- बीच में फोन कर उनका हालचाल भी पूछ रहे थे। पर अचानक बुजुर्ग यात्री का फोन लगना बंद हो गया। संपक नहीं होने से स्वजन घबरा गए और रेल मदद एप में सूचना दी। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल उनकी मदद में जुट गया। इस बीच सबसे पहले ट्रेन का लोकेशन देखा गया।

उस समय ट्रेन बिलासपुर पहुंचने वाली थी। इसलिए मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष को सूचित की। यहां से बिलासपुर आरपीएफ पोस्ट को समस्या के बारे में बताया गया। स्वजनों की परेशानी को देखते हुए आरपीएफ ने तत्परता दिखाई और तत्काल ट्रेन आने पर संबंधित कोच में पहुंचे। बताए गए बर्थ में महिला यात्री सुरक्षित बैठीं थी। इस पर उन्होंने स्वजनों को उनसे संपर्क करने में आ रही दिक्कत को बताया। इसके बाद उनसे बात भी कराई। आरपीएफ ने स्वजनों से बात की और कहां वह सुरक्षित हैं। नेटवर्क समस्या आने के कारण काल नहीं लग रहा था।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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