बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति 102वीं बैठक मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक सभकक्षा में रखी गई। इस दौरान सदस्यों ने यात्री सुरक्षा के अलावा फुटओवरब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने, स्टेशनों का उन्नयन, ट्रेनों के विस्तार और ठहराव जैसे मुद्दों को रेल प्रशासन के सामने रखा। डीआरएम ने कुछ मुद्दों पर आश्वासन दिया तो कई को स्थानीय स्तर पर सुलझाने का अधिकार नहीं होने की बात कहते हुए रेलवे बोर्ड प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कही।

बैठक की अध्यक्षता डीआरएम आर राजगोपाल ने की। इस अवसर एडीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय भी उपस्थित थे। समिति के सचिव एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (समन्वय) पुलकित सिंघल ने मंडल की उपलब्धियों व आगामी कार्य योजनाओं की जानकारी दी। समिति के सदस्य , पार्षद एवं नगर निगम एमआइसी सदस्य व्ही रामाराव ने जोनल स्टेशन और आसपास की सभी प्रमुख समस्याओं को रेल प्रशासन के समक्ष रखा। उनका कहना था कि स्टेशन घिरा हुआ है। इस हिस्से पर प्रवेश द्वार और सुरक्षा दीवार है, जबकि दूसरा छोर खुला हुआ है। जिससे हमेशा खतरा मंडराता है। बरसों से दूसरी ओर यानी कि लोको कॉलोनी और पोर्टर खोली दिशा में बाउंड्रीवॉल, प्रवेश मार्ग, टिकट घर, फुट ओवर ब्रिज बनाने की बात कही जा रही है लेकिन अब तक पहल नहीं हुई है। जिस पर डीआरएम ने कहा कि सर्वे हो चुका है और टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। काम लगभग शुरू होने के दौर में हैं। निर्माणाधीन फुट ओवर ब्रिज की चौडाई कम होने, चुचुहियापारा में बनने वाले अंडरब्रिज निर्माण की सुस्त चाल के अलावा तारबाहर अंडरब्रिज पूरी तरह रेल पटरियों को पार नहीं करता बल्कि एक रेलवे लाइन से पहले ही उसका एक छोर खुलता है। इससे होने समस्या को अवगत कराया। रेलवे अधिकारियों ने आश्वस्त किया की चुचुहियापारा रेलवे अंडर ब्रिज में वह गलती नहीं दोहराई जाएगी। अंडरब्रिज के भीतर मवेशी प्रवेश न करें इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। दोनों छोर पर पाइप युक्त प्रवेश मार्ग बनाया जाएगा जिससे कि गाय और अन्य मवेशी उसके अंदर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। एक समस्या ट्रेन आने पर बिलासपुर रेलवे स्टेशन ऑटो और रिक्शा चालकों के प्रवेश और इससे यात्रियों को होने वाली परेशानी से अवगत कराया। इसके अलावा गेट क्रमांक तीन व चार में बड़ी एलइडी डिस्प्ले स्क्रीन लगाने की मांग के अलावा रेलवे स्टैंड संचालक की मनमानी का मुद्दा उछाला। बिलासपुर के रज्जू मौर्य ने अमरकंटक एक्सप्रेस को दुर्ग से इंदौर तक चलाने, दुर्ग-कानपुर बेतवा एक्सप्रेस को नियमित करने और ब्लाक के नाम पैसेंजर ट्रेनों को रद करने का मुद्दा उठाया। इस पर रेलवे ने ट्रेनों के विस्तार नियमित करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजने की बात कही गई। प्रकाशचंद जैन ने पैसेंजर हाल्ट का उन्नयन कर स्टेशन का दर्जा देने, अकलतरा स्टेशन में कोच इंडीकेशन बोर्ड की सुविधा उपलब्ध कराने, जांजगीर - नैला स्टेशन में हीराकुंड एवं साउथ बिहार एक्सप्रेस का ठहराव एवं छोटे स्टेशनों में यात्रियों की बैठक व्यवस्था बेहतर करने का मुद्दा रखा। वहीं राजेश्वर पाटले ने कापन हाल्ट में फुटओवर ब्रिज, प्लेटफार्म की ऊंचाई एवं लंबाई बढ़ाने तथा अकलतरा स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक एक - दो की लंबाई बढ़ाने, श्याम सुंदर पोद्दार ने चिरमिरी - रींवा पैसेंजर में एसी कोच का प्रावधान करने, चिरमिरी - बिलासपुर के मध्य सुबह मेमू अथवा इंटरसिटी ट्रेन की बात कही। वहीं अशोक चावलानी ने छत्तीसगढ़ एवं शिवनाथ एक्सप्रेस को वापसी में कोरबा तक चलाने का मुद्दा उछाला। इसी तरह नवदीप सिंह अरोरा ने उसलापुर स्टेशन में कोच इंडीकेशन बोर्ड, पूछताछ कार्यालय, टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा पर जोर दिया। इसके अलावा दिव्यांगों, महिला एवं वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही।

Posted By: Nai Dunia News Network