बिलासपुर। सिंचाई सुविधा वाले किसान अब बिजली कंपनी पर निर्भरता के बजाय खुद के साधन और सुविधा पर जोर देने लगे हैं। खेतों में सौर ऊर्जा की बड़ी-बड़ी छतरी(पैनल) नजर आने लगी है। अपनी बिजली और खुद के पानी के दम पर किसानों ने समृद्धि का द्वार तलाश लिया है। यही कारण है कि अब किसान सौर ऊर्जा पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना के सहारे किसान अब खेतों में फसलों की सिंचाई और घरों को सौर ऊर्जा के जरिए रोशन कर रहे हैं। किसानों के साथ ही वनांचल के वनवासियों और आदिवासियों के लिए भी योजना वरदान साबित हो रहा है। सौर ऊर्जा की रोशनी से वनांचल के गांव रोशन हो रहे हैं।

सौर सुजला योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। बिजली गुल होने की समस्या से परेशान किसानों को सौर ऊर्जा ने काफी हद तक राहत दी है। अब तो किसान यह कहने लगे हैं कि खुद की बिजली और पानी से खेती करने में कोई जोखिम उठाना नहीं पड़ रहा है। जिले में अब किसानों के बीच बिजली कंपनी से पंप कनेक्शन लेने के बजाय सौर ऊर्जा से संचालित पंप लगाने पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। दूरस्थ वनांचल से लेकर ग्रामीण इलाकों में किसानों ने सौर ऊर्जा चलित सिंचाई पंप के जरिए समृद्धि की राह तलाश ली है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो सोलर पंप लगाने के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में नया कीर्तिमान रच दिया है। देश में छत्तीसगढ़ का स्थान टाप पर है। जिले के दूरस्थ वनांचल में 12 गांव ऐसे हैं, जहां आज तक बिजली कंपनी ने बिजली नहीं पहुंचा पाई है। उन गांव में सौर ऊर्जा के दम पर विभाग ने गांव को रोशन कर दिया है। वनांचल के 12 गांवों के वनवासियों और आदिवासियों के लिए सौर ऊर्जा वरदान सबित हो रही है। सौर ऊर्जा ने इन गांवों के लिए नई क्रांति ला दी है।

इस योजना ने लाया बदलाव

छोटे और मंझोले किसानों को राहत देने के लिए डीजल पंप की जगह सोलर आधारित पंपों को प्रोत्साहन देते हुए राज्य शासन वर्ष 2016 में योजना लेकर आई थी। किसानों के बीच सोलर आधारित पंप लगाने के लिए विभाग के अधिकारियों ने अभियान भी चलाया। इसका सकारात्मक असर देखने को मिला है। विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक एक लाख 16 हजार 533 सोलर पंप प्रदेश के गांव व शहरी इलाकों में लग चुके हैं। ना केवल लगे हैं, वरन पंप पानी भी उगल रहे हैं। प्रदेश में सोलर पंप के जरिए धान सहित अन्य फसल खेतों में लहलहा रही हैं। एक लाख 39 हजार 839.6 हेक्टेयर कृषि भूमि में सोलर पंप के जरिए फसलों की सिंचाई की जा रही है।

सोलर पंप के मामले में अग्रणी राज्य

राज्य ---- डीजल पंप की संख्या ---- सोलर पंप की संख्या

छत्तीसगढ़ ---- 1,13,500 ---- 1,16,533

महाराष्ट्र ---- 3,93,300 ---- 17,137

आंध्रप्रदेश ---- 4,13,600 ---- 34,045

बिहार ---- 5,74,000 ---- 2,813

मध्यप्रदेश ---- 11,03,600 ---- 25,047

राजस्थान ---- 11,21,000 ---- 97,645

उत्तर प्रदेश ---- 36,07,600 ---- 35,492

वनांचल के गांव जो सौर ऊर्जा की रोशन से हो रहे रोशन

गांव का नाम ---- क्षमता

गोरखुरी ---- 20 किलोवाट

बगदारा ---- 20 किलोवाट

भनरवारटंक ---- 16 किलोवाट

चाटीडांड ---- 5 किलोवाट

मगरडांड ---- 5 किलोवाट

क्या कहते हैं किसान

- ग्राम मनवा के किसान शत्रुहन बताते हैं कि उसके पास पांच एकड़ कृषि भूमि है। सौर ऊर्जा से चलित सोलर पंप खेत में लगा हुआ है। तीन हार्स पावर के पंप के जरिए खेतों में फसलों की सिंचाई हो रही है। धान के अलावा गेहूं व सब्जी की खेती भी कर रहा हूं। बिजली गुल होने की समस्या भी नहीं है। बोरवेल में पर्याप्त पानी है। सोलर पंप के जरिए पानी की सिंचाई आराम से हो रही है।

- ग्राम मलदा के किसान सालिक राम बताते हैं कि उसके पास आठ एकड़ कृषि भूमि है। सोलर पंप के जरिए वह खेतों में सिंचाई कर रहे हैं। धान के बाद दूसरी फसल भी ले रहे हैं। बिजली गुल होने की समस्या से भी नहीं है। समुचित रखरखाव के जरिए सौर ऊर्जा से सिंचाई पंप अच्छे से चल रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

सौर ऊर्जा चलित सिंचाई पंप के जरिए किसान समृद्ध हो रहे हैं। हमारी कोशिश है कि किसान सौर ऊर्जा चलित सिंचाई पंप लगाएं और फसलों की सिंचाई करें। जिले के 12 ऐसे गांव हैं जहां बिजली नहीं पहुंच पाई थी। दूरस्थ वनांचल के गांव हैं। इन गांवों में सौर ऊर्जा चलित बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। वनांचल के गांव अब रोशन हो रहे हैं। शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले, इसके लिए अभियान भी चलाया जा रहा है।

सना परवीन

जिला प्रभारी क्रेडा

Posted By: Abrak Akrosh

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close